Share This Article रायपुर सितम्बर 21, 2025 / ETrendingIndia / We will make Madhya Pradesh a leader in milk production: Chief Minister Dr. Yadav / मध्यप्रदेश दूध उत्पादन , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में अभी तीसरे स्थान पर है। हम दूध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में पहले स्थान पर लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। डॉ. आंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत पशुपालकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके तहत 25 से अधिक गाय पालने वाले गोपालकों को 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा के ग्राम रसुल्ला में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पशुपालकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में गाय पालन करें और दूध, दही, मक्खन सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी कर सरकार की अनुदान योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों एवं परम्पराओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। दशहरे पर शस्त्रपूजन पूरे प्रदेश के शस्त्रागारों में किया जाएगा। इसी तरह दीपावली में गोवर्धन पूजा भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान श्रीराम के चरणों के पड़ावों को राम वन गमन पथ के रूप में सजाया-संवारा जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेशभर में गीता भवन बनाए जाएंगे तथा श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्राम रसुल्ला के हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने खेल मैदान एवं खेल परिसर के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने ग्राम रसुल्ला से लगे गांवों में लगभग 100 हेक्टेयर की सिंचाई परियोजना का सर्वेक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर सिंचाई योजना पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और प्रदेश का कोना-कोना सिंचित होगा। राहवीर योजना बनेगी मददगार मुख्यमंत्री ने कहा कि राहवीर योजना के तहत अगर किसी का एक्सीडेंट हो जाता है और यदि कोई व्यक्ति उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाकर जान बचाते हैं तो व्यक्ति को 25 हजार रुपये की राशि योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई जायेगी। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी डर के इमरजेंसी में सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने के लिए प्रेरित करना है। Share This Article Post navigation एक अक्टूबर से वन्य-प्राणी सप्ताह : वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में प्रतियोगिताओं का रजिस्ट्रेशन 27 सितम्बर तक अमृत सरोवर ने बदली अकलासरई गाँव की तस्वीर : हरियाली और आत्मनिर्भरता की कहानी, ग्रामीणों की जुबानी