Share This Article रायपुर 28 सितंबर 2025/ ETrendingIndia / Paving the way for the first rail service between India and Bhutan, Kokrajhar-Gelphu project gains momentum / भारत भूटान रेल परियोजना , भारत और भूटान के बीच जल्द ही पहली रेल कनेक्टिविटी स्थापित होने जा रही है। यह ऐतिहासिक कदम दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा। रेलवे मंत्रालय ने 69 किलोमीटर लंबे कोकराझार–गेलफु रेल प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाते हुए इसे ‘स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट’ का दर्जा दिया है। इस दर्जे के चलते जमीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य अब तेज गति से आगे बढ़ सकेगा। परियोजना की मुख्य विशेषताएँ कुल लंबाई: 69 किमी नए स्टेशन: 6 पुल: करीब 100 परियोजना का दर्जा: स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट रणनीतिक और आर्थिक महत्व भारत भूटान रेल परियोजना , यह परियोजना न केवल भारत और भूटान के बीच व्यापार और पर्यटन को नई ऊँचाई देगी, बल्कि उत्तर-पूर्व भारत के कोकराझार ज़िले और भूटान के गेलफु क्षेत्र को जोड़कर क्षेत्रीय संपर्क को भी मजबूती देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेल मार्ग से दोनों देशों की सीमावर्ती जनता को आवागमन, कारोबार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में बड़ी सुविधा होगी। भूटान के लिए पहला रेल नेटवर्क अब तक भूटान में कोई रेल नेटवर्क नहीं था। यह प्रोजेक्ट भूटान को पहली बार भारतीय रेलवे से जोड़ देगा। इसके माध्यम से न केवल मालवाहक सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भविष्य में यात्री ट्रेनों की शुरुआत भी संभव होगी। सरकार की पहल भारतीय रेल मंत्रालय ने साफ किया है कि इस परियोजना को प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य में तेज़ी लाने के लिए खास निगरानी और समन्वय तंत्र तैयार किया गया है। यह रेल परियोजना दोनों देशों के बीच संबंधों को “नई दिशा और नई गति” देने वाली साबित हो सकती है। Share This Article Post navigation गौरेला – पेंड्रा- मरवाही जिले कोइको टूरिज्म साइट 2025 का मिला राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार पेरू में युवा विरोध प्रदर्शन: राष्ट्रपति बोलुआर्ते के खिलाफ सड़क पर उतरे Gen Z