रायपुर 16 अक्टूबर 2025 / ETrendingIndia / Global Handwashing Day: Soap and water – the cheapest and most effective protection / ग्लोबल हैंडवाशिंग डे 2025 , विश्वभर में 15 अक्तूबर को ग्लोबल हैंडवाशिंग डे मनाया गया — यह
दिन हमें याद दिलाता है कि बीमारियों से बचाव का सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी तरीका हमारे घरों में ही मौजूद है — साबुन और पानी से हाथ धोना।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोज़मर्रा की गतिविधियों में हमारे हाथ अनेक सतहों को छूती हैं, जिन पर हानिकारक जीवाणु और वायरस मौजूद रहते हैं। यदि इन्हें सही ढंग से न धोया जाए, तो डायरिया, निमोनिया, फ्लू और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हाथों की स्वच्छता हर साल लाखों बच्चों की जान बचा सकती है।
कोविड-19 से मिली सीख
कोविड महामारी के दौरान दुनिया ने पहली बार हाथ धोने की शक्ति को वास्तविक रूप में समझा। साबुन और सैनिटाइज़र ही उस समय संक्रमण की रोकथाम का प्रमुख माध्यम बने। केवल 20 सेकंड तक हाथ धोने की आदत ने लाखों लोगों को संक्रमण से बचाया।
घटती सतर्कता, बढ़ता खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड का खतरा कम होने के बाद लोग फिर से लापरवाह हो गए हैं। बदलते मौसम में फ्लू और वायरल इंफेक्शन के बढ़ते मामलों के बीच हाथ धोने की उपेक्षा एक गंभीर चिंता है। यह लापरवाही न केवल व्यक्तिगत, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है।
स्वच्छता का ले संकल्प
विशेषज्ञों ने अपील की है कि लोग हाथ धोने को एक जीवनशैली की आदत बनाएं।
- खाना खाने से पहले और बाद में
- शौचालय के उपयोग के बाद
- बाहर से घर लौटने पर
इन मौकों पर हाथ धोने की आदत छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी में विकसित करनी चाहिए।
एक स्वच्छ हाथ, स्वस्थ समाज की पहचान है।
