Share This Article ETrendingIndia नई दिल्ली : देश में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। 1 मार्च 2025 से लागू हुए नए नियमों के तहत ट्रैफिक जुर्माने में भारी वृद्धि की गई है। कुछ मामलों में जुर्माना राशि को 10 गुना तक बढ़ा दिया गया है, साथ ही जेल की सजा और सामुदायिक सेवा जैसे कड़े प्रावधान भी जोड़े गए हैं। यह कदम सड़कों पर लापरवाही और दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। नए नियमों के अनुसार, नशे में गाड़ी चलाने की सजा को बेहद सख्त किया गया है। पहले जहां इसके लिए 1,000 से 1,500 रुपये का जुर्माना था, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है, साथ ही 6 महीने की जेल भी हो सकती है। अगर कोई दोबारा यह अपराध करता है, तो उसे 15,000 रुपये जुर्माना और 2 साल तक की जेल का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट न पहनने की सजा को भी सख्त किया गया है। पहले 100 रुपये का मामूली जुर्माना था, लेकिन अब यह 1,000 रुपये हो गया है और तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का प्रावधान भी जोड़ा गया है। सीटबेल्ट न लगाने पर भी यही नियम लागू होगा। सड़क परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “इन नए नियमों का उद्देश्य लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है। पिछले कुछ वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में हुई बढ़ोतरी चिंताजनक है, और यह कदम उसी को रोकने के लिए उठाया गया है।” हालांकि, इन बढ़े हुए जुर्मानों को लेकर जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ लोग इसे सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी मान रहे हैं, वहीं कई का कहना है कि यह आम आदमी की जेब पर भारी पड़ सकता है। सड़क पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और इन कड़े कदमों को सकारात्मक रूप से लें। यह बदलाव न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए है, बल्कि समाज में सड़क संस्कृति को बेहतर बनाने की दिशा में भी एक कदम है । Share This Article Post navigation चुनाव आयोग करेगा मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया, तकनीकी परामर्श जल्द बिल गेट्स की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात: भारत के विकास और भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा