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रायपुर / ETrendingIndia / अमित शाह ने विदेश भागे अपराधियों को भारत लाने का आह्वान किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेश भागे अपराधी भारत लाएं के लिए समयबद्ध और कठोर रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत की न्याय प्रणाली अपराधियों तक दुनिया में कहीं भी पहुँच सके, यह सुनिश्चित करना जरूरी है।


राष्ट्रीय सम्मेलन में रणनीतियाँ और सुधार

‘विदेश भागे अपराधियों की प्रत्यर्पण: चुनौतियाँ और रणनीतियाँ’ सम्मेलन में शाह ने बताया कि देश में भ्रष्टाचार, अपराध और आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता के साथ-साथ सीमा पार से ऑपरेशन करने वाले अपराधियों पर भी यही लागू होना चाहिए।
उन्होंने CBI के ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर और BharatPol पोर्टल के माध्यम से 190 से अधिक नोटिस जारी करने की सफलता को सराहा।


कानूनी और संरचनात्मक सुधार

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में Fugitive Economic Offenders Act, 2018 लागू किया गया। इसके तहत चार वर्षों में 2 अरब USD से अधिक की संपत्ति की वसूली हुई। 2014–2023 तक विभिन्न कानूनों के तहत कुल 12 अरब USD की संपत्तियां अटैच की गईं।

अमित शाह ने पांच प्रमुख लक्ष्य सुझाए:

  1. न्याय को सीमा पार भी पहुँचाना
  2. राष्ट्रीय सुरक्षा में सुधार
  3. पहचान प्रणाली का आधुनिकीकरण
  4. अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था में विश्वास बढ़ाना
  5. आर्थिक प्रणाली की सुरक्षा और वैश्विक सहयोग

प्रस्तावित कार्रवाई और भविष्य

उन्होंने CBI के तहत विशेष प्रत्यर्पण इकाई, अपराधियों का राष्ट्रीय डेटाबेस, विशेषज्ञ सेल्स और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों वाले डिटेंशन फैसिलिटी स्थापित करने की सिफारिश की।
Red और Blue Notices का तेजी से उपयोग और पासपोर्ट ब्लैकलिस्टिंग जैसी तकनीकी प्रणाली लागू करने का भी सुझाव दिया।


निष्कर्षतः:

अंततः, अमित शाह ने विदेश भागे अपराधी भारत लाएं को सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कूटनीति और घरेलू समन्वय दोनों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अपराधी न केवल न्याय से बचते हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, संप्रभुता और सुरक्षा को भी खतरे में डालते हैं।