Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / चीन ने अमेरिका पर साइबर हमले का आरोप लगाया चीन ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने उसके राष्ट्रीय टाइम सेंटर में साइबर हमला किया और संवेदनशील डेटा चुराया। चीन ने चेतावनी दी कि इन हमलों से संचार नेटवर्क, वित्तीय प्रणाली, बिजली आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय मानक समय प्रभावित हो सकते थे। 🔍 हमलों की अवधि और तकनीक चीन की स्टेट सिक्योरिटी मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) ने 2022 से लगातार साइबर हमले किए। मंत्रालय ने दावा किया कि चुराए गए डेटा और क्रेडेंशियल्स से कर्मचारियों के मोबाइल और नेटवर्क सिस्टम पर जासूसी की गई। 📱 स्मार्टफोन सिस्टम में भेद्यता का फायदा मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने विदेशी स्मार्टफोन ब्रांड की मैसेजिंग सेवा में भेद्यता का फायदा उठाकर कर्मचारियों के उपकरणों तक पहुँच बनाई। 2023 और 2024 में अमेरिका ने सेंटर के उच्च-परिशुद्धता टाइमिंग सिस्टम और आंतरिक नेटवर्क पर हमले करने की भी कोशिश की। 🌏 साइबर आरोपों के बीच बढ़ता तनाव चीन और अमेरिका पिछले कुछ वर्षों में लगातार एक-दूसरे पर साइबर हमलों के आरोप लगाते रहे हैं। यह मामला उन समय आया है जब व्यापारिक तनाव और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के निर्यात नियंत्रण के कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दबाव बढ़ा है। 📝 निष्कर्ष अंत में, यह मामला दिखाता है कि चीन अमेरिका साइबर हमला आरोप केवल तकनीकी नहीं, बल्कि दोनों देशों के बढ़ते राजनीतिक और आर्थिक तनाव का भी प्रतीक हैं। Share This Article Post navigation इसरो का चंद्रयान-2 बना वैज्ञानिक उपलब्धि का प्रतीक, सौर प्रभाव से चंद्रमा के वायुमंडल में बदलाव का खुलासा अमेरिका में सरकार का शटडाउन 20 वें दिन में, बना देश के इतिहास का तीसरा सबसे लंबा शटडाउन