Share This Article ETrendingIndia रायपुर / पूरी दुनियां के लिए जल संकट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। जैसे छत्तीसगढ़ के केवल राजनांदगांव जिले में 42 हजार बोरवेल और ट्यूबवेल से भू-जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे जल स्तर में व्यापक गिरावट आई है। इस समस्या के समाधान के लिए जिले के शिवनाथ नदी में जल संरक्षण के लिए गहरीकरण और सफाई जैसे व्यापक अभियान शुरू किए गए हैं। मिशन जल रक्षा के तहत अब तक राजनांदगांव जिले में 2132 जल संरचनाएं बनाई गई हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1.39 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन मिला है। वहीं, ग्रीष्मकालीन धान के क्षेत्र में 32% की कमी कर 337.1 करोड़ लीटर सिंचाई जल की बचत की गई। शहर के लिए मोंगरा बैराज से 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे जल संकट से राहत मिली। मोखली और रातापायली एनीकट से अप्रैल तक जल आपूर्ति होगी, इसके बाद जून तक मोंगरा बैराज से जल उपलब्ध रहेगा। प्रशासन जल संरक्षण, पौधरोपण और कम जल खपत वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। जागरूकता अभियानों के जरिए किसानों को कम जल वाली फसलों की ओर प्रेरित किया जा रहा है। निश्चय ही जल ही जीवन है और इसे बचाने की दिशा में हर नागरिक को योगदान देना होगा। Share This Article Post navigation छत्तीसगढ़ देश का ऑक्सीजोन – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बेमेतरा में ’एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘के तहत रोपित किया रुद्राक्ष का पौधा