Walk for Dyslexia 2025’
Walk for Dyslexia 2025’
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रायपुर, 26 अक्टूबर 2025 / ETrendingIndia / Walk for Dyslexia 2025’: New thinking, new light / वॉक फॉर डिस्लेक्सिया 2025 , अक्टूबर को डिस्लेक्सिया जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इसी अवसर पर रविवार को पूरे देश में ‘वॉक फॉर डिस्लेक्सिया 2025’ का आयोजन हुआ।

इस अभियान की शुरुआत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर की।

नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित इस कार्यक्रम में 300 से अधिक लोग शामिल हुए। इसका उद्देश्य समाज में डिस्लेक्सिया से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करना और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना था। इसी के तहत राष्ट्रपति भवन और केंद्रीय सचिवालय सहित देशभर के कई ऐतिहासिक भवनों को लाल रंग की रोशनी से सजाया गया।

संजय कुमार ने कहा कि-

“हर बच्चा अलग तरीके से सीखता है। डिस्लेक्सिया कोई कमजोरी नहीं, बल्कि सोचने और समझने का अलग तरीका है।

शुरुआती पहचान और सही सहयोग से ऐसे बच्चे भी बड़ी सफलता पा सकते हैं।”

उन्होंने एनसीईआरटी के “प्रशस्त 2.0” मोबाइल ऐप का उल्लेख किया, जो डिस्लेक्सिया सहित सीखने की कठिनाइयों वाले बच्चों की पहचान में मदद करता है।

इसके अलावा, सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत विशेष प्रशिक्षण, शिक्षण-सामग्री और सहायता उपकरण उपलब्ध कराने जैसे कदम भी उठाए हैं।

वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में हर 5 में से 1 व्यक्ति डिस्लेक्सिया से प्रभावित है। भारत में भी लगभग 12% विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में यह समस्या देखी जाती है।

‘ वॉक फॉर डिस्लेक्सिया 2025’ का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि हर बच्चा अनोखा है — जरूरत है समझ, सहयोग और समान अवसर की, ताकि कोई भी बच्चा सीखने की दौड़ में पीछे न रह जाए।