Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / तेलंगाना में माओवादी आंदोलन को झटका तेलंगाना में माओवादी आंदोलन को बड़ा झटका लगा है। राज्य के दो शीर्ष माओवादी नेता — बांदी प्रकाश और पुल्लुरी प्रसाद राव (चंद्रन्ना) — ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। दोनों ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक शिवधर रेड्डी के सामने हैदराबाद में अपने हथियार डाले। बांदी प्रकाश ने 45 वर्षों तक की सक्रिय भूमिका बांदी प्रकाश, जिन्हें प्रभात के नाम से भी जाना जाता है, लंबे समय तक माओवादी राज्य समिति के सदस्य रहे। उन्होंने लगभग 45 वर्षों तक संगठन में काम किया। उन्होंने 2004 की शांति वार्ता में भी भाग लिया था। मनचेरियल जिले के रहने वाले प्रकाश ने स्कूल के दिनों में ही आंदोलन से जुड़ाव बनाया और धीरे-धीरे संगठन में प्रमुख रणनीतिकार बन गए। पुल्लुरी प्रसाद राव का चार दशक पुराना जुड़ाव पुल्लुरी प्रसाद राव, जिन्हें चंद्रन्ना के नाम से पहचाना जाता है, लगभग 17 वर्षों तक केंद्रीय समिति के सदस्य रहे। उनका आंदोलन से जुड़ाव 1980 में पीपुल्स वार ग्रुप के वरिष्ठ नेता किशनजी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ था। हालांकि, बिगड़ती सेहत और व्यक्तिगत कारणों के चलते उन्होंने हथियार छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने का निर्णय लिया। सरकार ने सहायता और सुरक्षा का दिया आश्वासन डीजीपी शिवधर रेड्डी ने कहा कि दोनों नेताओं को सुरक्षा और पूर्व घोषित पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 64 माओवादी कार्यकर्ता राज्य में सक्रिय हैं। साथ ही, सरकार ने यह भी कहा कि जो भी माओवादी आत्मसमर्पण करना चाहेंगे, उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी। निष्कर्षतः इस आत्मसमर्पण से तेलंगाना में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगा। Share This Article Post navigation Revanth Reddy Foreign Tour : 10 दिन के विदेश दौरे पर लंदन पहुंचे तेलंगाना CM…! Oxford से Harvard तक कार्यक्रम