रायपुर, 29 अक्टूबर 2025 / ETrendingIndia / After the formation of the state, 54 new irrigation schemes in Bastar have increased the income of farmers/ बस्तर सिंचाई योजनाएं किसानों की आमदनी , छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पिछले 25 वर्षों में बस्तर जिले में किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। इसी का परिणाम है कि अब तक जिले में कुल 92 सिंचाई योजनाओं के माध्यम से 32,656 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित बनाया गया है।
राज्य गठन से पहले बस्तर में 38 लघु सिंचाई योजनाओं से लगभग 8,907 हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई होती थी। लेकिन राज्य बनने के बाद किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 54 नई सिंचाई योजनाओं का निर्माण किया गया, जिससे 23,749 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचित रकबा सृजित हुआ। इसमें 18,129 हेक्टेयर खरीफ और 5,620 हेक्टेयर रबी फसलों के लिए सिंचाई सुविधा विकसित की गई।
कोसारटेडा, बेदारमुंडा और टिकरालोहंगा जैसी प्रमुख परियोजनाओं से किसानों में नकदी फसलों की ओर रुझान बढ़ा है।
इन योजनाओं से किसानों को द्विफसलीय खेती को बढ़ावा मिला और उनकी आय में वृद्धि हुई। अब किसान खरीफ में धान के साथ रबी सीजन में मक्का, उड़द-मूंग और सब्जियों की खेती कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।
कोसारटेडा जलाशय से लाभान्वित केशरपाल के किसान डमरूधर कश्यप और पीलूराम बघेल का कहना है कि रबी मौसम में मक्का और सब्जियों की फसल से उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, वर्तमान में 195.36 करोड़ रुपये की लागत से 42 नई सिंचाई योजनाओं पर काम जारी है। इनके पूरा होने पर 6,790 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी, जिससे जिले के किसानों को खेती-किसानी में और अधिक सुविधा व स्थायित्व मिलेगा।
