रायपुर / ETrendingIndia / सऊदी अरब निवेश फंड बदलाव की तैयारी
सऊदी अरब अपने विशाल $925 अरब संप्रभु निवेश फंड (Public Investment Fund – PIF) की दिशा बदलने जा रहा है। अब यह फंड रियल एस्टेट गिगाप्रोजेक्ट्स से हटकर लॉजिस्टिक्स, खनन और धार्मिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह बदलाव गिगाप्रोजेक्ट्स में बार-बार होने वाली देरी के बाद किया जा रहा है।
Vision 2030 और NEOM प्रोजेक्ट में देरी
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MbS) ने 2016 में Vision 2030 योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत भविष्यवादी शहर NEOM और अन्य मेगा प्रोजेक्ट शामिल थे।
हालांकि, इन परियोजनाओं में लगातार देरी हो रही है जिससे सऊदी अरब निवेश फंड रणनीति बदलाव की जरूरत महसूस हुई।
अब सरकार का फोकस अधिक स्थायी और त्वरित रिटर्न देने वाले क्षेत्रों पर है।
नई प्राथमिकताएं – खनन, एआई और धार्मिक पर्यटन
नई रणनीति के तहत PIF अब खनन, लॉजिस्टिक्स, और धार्मिक पर्यटन पर विशेष जोर देगा।
साथ ही, सऊदी अरब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और डेटा सेंटर्स में भी बड़े पैमाने पर निवेश की योजना बना रहा है।
सऊदी अरब निवेश फंड रणनीति बदलाव के तहत अब ध्यान त्वरित लाभ और दीर्घकालिक स्थिरता दोनों पर रहेगा।
वित्तीय दबाव और रिटर्न की चिंता
विश्लेषकों का कहना है कि कई गिगाप्रोजेक्ट्स अभी तक अपेक्षित रिटर्न नहीं दे पाए हैं।
इस कारण Public Investment Fund पर अब बेहतर वित्तीय प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है।
नई रणनीति के तहत फंड का उद्देश्य अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करना और वैश्विक निवेशों पर निर्भरता घटाना है।
अंतरराष्ट्रीय निवेश और भविष्य की योजनाएँ
PIF अब अंतरराष्ट्रीय निवेशों को 30% से घटाकर 20% तक सीमित करने की योजना बना रहा है।
इसके साथ ही, सऊदी अरब का लक्ष्य वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनना है।
सऊदी अरब निवेश फंड रणनीति बदलाव के तहत धार्मिक स्थलों मक्का और मदीना के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।
तकनीकी और गेमिंग सेक्टर में निवेश
PIF ने हाल ही में AI कंपनी Humain और गेमिंग सेक्टर में भी बड़े निवेश किए हैं।
कंपनी ने Electronic Arts (EA) के $55 अरब बायआउट का समर्थन किया है।
यह कदम क्राउन प्रिंस की तकनीकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
निष्कर्षतः:
सऊदी अरब निवेश फंड रणनीति बदलाव देश की आर्थिक दिशा में एक अहम परिवर्तन है।
अब ध्यान गिगाप्रोजेक्ट्स से हटकर ऐसे क्षेत्रों पर होगा जो तेज़ रिटर्न और स्थिर आय दे सकें।
यह कदम Vision 2030 के लक्ष्यों को अधिक व्यावहारिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
