Trump callsTrump calls
Share This Article

रायपुर / ETrendingIndia / बुसान में ट्रंप-शी जिनपिंग की अहम द्विपक्षीय बैठक

बुसान, 30 अक्टूबर 2025 — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया के बुसान में मुलाकात की। यह बैठक एपेक शिखर सम्मेलन से पहले हुई और दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात का यह पहला मौका था।

बैठक के दौरान ट्रंप ने शी जिनपिंग को “बहुत सख्त वार्ताकार” बताया। इस टिप्पणी से स्पष्ट हुआ कि वार्ता का मुख्य केंद्र व्यापारिक संबंध और आर्थिक विवादों को सुलझाना रहा।


व्यापारिक तनाव कम करने पर हुई चर्चा

दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने की दिशा में एक अहम कदम थी।
अमेरिका और चीन के बीच शुल्क नीतियों और निर्यात प्रतिबंधों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है।

ट्रंप सरकार के टैरिफ उपायों और चीन के दुर्लभ धातु निर्यात प्रतिबंधों से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। इसलिए, दोनों देशों ने सामंजस्य और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


चीन पर आयात कर और फेंटानिल मुद्दा भी एजेंडे में

बैठक से पहले संकेत मिले थे कि ट्रंप चीन से आने वाले सामानों पर 100% आयात कर लगाने के अपने पूर्व निर्णय को टाल सकते हैं।
इसके साथ ही, चीन ने सोयाबीन आयात दोबारा शुरू करने और दुर्लभ धातुओं पर प्रतिबंधों में ढील देने की इच्छा जताई है।

ट्रंप ने कहा कि वह फेंटानिल उत्पादन से जुड़े टैरिफ घटाने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि चीन इस समस्या को सुलझाने में सहयोग करने के लिए तैयार है।


परमाणु हथियार परीक्षण पर ट्रंप की घोषणा

बैठक से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि उन्होंने अमेरिकी युद्ध विभाग को परमाणु हथियार परीक्षण फिर शुरू करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं। यह हमारी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम है।”

यह घोषणा ऐसे समय आई जब बुसान में ट्रंप शी जिनपिंग बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक तनाव पर केंद्रित थी।


वैश्विक मंच पर ‘G2’ की भूमिका पर जोर

बैठक से पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस मुलाकात को “G2 बैठक” बताया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन वैश्विक अर्थव्यवस्था के दो प्रमुख स्तंभ हैं, जो आने वाले समय में वैश्विक स्थिरता और व्यापारिक नीति को दिशा देंगे।


निष्कर्षतः – द्विपक्षीय सहयोग की दिशा में सकारात्मक संकेत

कुल मिलाकर, ट्रंप शी जिनपिंग बैठक बुसान में व्यापारिक संवाद, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित रही।
दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की यह पहल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।


Share This Article