Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / इंडोनेशिया में फ्री मील खाने से सैकड़ों छात्र बीमार जकार्ता, 30 अक्टूबर 2025 — इंडोनेशिया में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्तो की फ्री स्कूल मील योजना के तहत परोसे गए भोजन के बाद 700 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए।यह घटना योग्यकार्ता प्रांत के गुनुंगकिदुल क्षेत्र की है, जहां छात्रों ने सरकारी मुफ्त भोजन खाया था। अधिकारियों ने इसे फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है और जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रपति प्रबोवो की प्रमुख योजना पर सवाल फ्री मील प्रोग्राम, जिसे जनवरी में शुरू किया गया था, राष्ट्रपति प्रबोवो का एक बड़ा चुनावी वादा था।हालांकि, अब तक देशभर में करीब 15,000 बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली है।इस कारण गैर-सरकारी संगठन JPPI ने इस योजना को अस्थायी रूप से निलंबित करने की मांग की है। जांच और रसोई घरों को किया गया बंद राष्ट्रीय पोषण एजेंसी (BGN) के प्रमुख डादन हिंदायना ने बताया कि गुनुंगकिदुल में हुई घटनाओं की जांच चल रही है।इसके तहत पास के कई रसोई घरों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। वर्तमान में देशभर में 11,000 किचन इस योजना के तहत कार्यरत हैं।हालांकि, भोजन के गलत भंडारण और देर से वितरण को बीमारी का मुख्य कारण बताया गया है। सरकार ने निगरानी बढ़ाने के दिए निर्देश BGN ने बुधवार को एक बयान में कहा कि भोजन की मात्रा घटाने और ताजगी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फूड पॉइजनिंग की घटनाएं न बढ़ें।इसके अलावा, राष्ट्रपति प्रबोवो ने स्वास्थ्य मंत्री और BGN प्रमुख की अध्यक्षता में एक विशेष टीम गठित की है, जो इस कार्यक्रम की निगरानी करेगी। अरबों की योजना पर घटा भरोसा सरकार ने इस वर्ष 171 ट्रिलियन रुपिया (10.3 अरब डॉलर) इस योजना के लिए आवंटित किए हैं,लेकिन BGN को वर्ष के अंत तक केवल 99 ट्रिलियन रुपिया खर्च करने की अनुमति मिली है। अधिकारियों का कहना है कि रसोई की कमी के कारण,83 मिलियन लाभार्थियों के बजाय केवल 70 मिलियन लोगों तक ही फ्री मील पहुंच पाएगा। निष्कर्षतः — योजना की पारदर्शिता पर सवाल कुल मिलाकर, इंडोनेशिया फ्री मील फूड पॉइजनिंग की यह घटनासरकारी योजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर प्रश्न उठाती है।सरकार अब इन घटनाओं से सबक लेकरभोजन वितरण प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के कदम उठा रही है। Share This Article Post navigation बुसान में ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक, व्यापारिक तनाव कम करने पर हुई चर्चा अमेरिका-चीन वार्ता का असर: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट