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रायपुर / ETrendingIndia / कानून का शासन और प्रभावी क्रियान्वयन से होगा आर्थिक विकास : ओम बिड़ला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि कानून का शासन और प्रभावी क्रियान्वयन ही आर्थिक विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने यह बात भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 77वें आरआर बैच के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही।
यह कार्यक्रम लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) द्वारा आयोजित किया गया था।


नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन ही लाता है वास्तविक परिवर्तन

ओम बिड़ला ने कहा कि संसद में बनाए गए कानून और नीतियां तभी सफल होती हैं जब अधिकारी उन्हें ईमानदारी और समर्पण से लागू करें।
उन्होंने युवा अधिकारियों से संविधान की भावना को अपने कार्य में अपनाने की अपील की और कहा कि उनके आचरण में सेवा और सत्यनिष्ठा के मूल्य झलकने चाहिए।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान आज भी देश के गौरव का प्रतीक है और विश्वभर में प्रशंसा पा रहा है।


सेवा’ और ‘समर्पण’ से ही बनता है विश्वास

बिड़ला ने अधिकारियों से ‘सेवा’ और ‘समर्पण’ के मंत्र को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारी जनता का विश्वास जीतते हैं।
उन्होंने जोड़ा कि जनसेवा से मिलने वाली संतुष्टि किसी अन्य पेशे में संभव नहीं।


पुलिस संविधानिक मूल्यों की रक्षक

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस अधिकारी, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संविधानिक मूल्यों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी पुलिस को न्याय और कानून व्यवस्था बनाए रखनी होती है।
साथ ही उन्होंने जनता का विश्वास बनाए रखने पर भी बल दिया।


समाज के विकास के लिए समन्वय जरूरी

बिड़ला ने कहा कि समाज के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय बहुत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि प्रभावी पुलिसिंग तभी संभव है जब यह संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ की जाए।


महिलाओं की भागीदारी और तकनीकी क्षमता पर जोर

उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की और कहा कि उनकी संवेदनशीलता और सहानुभूति ने पुलिस बल को और मजबूत बनाया है।
साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे साइबर अपराध और आपदा प्रबंधन जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाएं।


नए आपराधिक संहिता और वैश्विक दृष्टिकोण पर अध्ययन का आह्वान

ओम बिड़ला ने अधिकारियों से संसद द्वारा पारित तीन नए आपराधिक संहिताओं का अध्ययन करने का आग्रह किया ताकि वे उनके उद्देश्यों को भली-भांति समझ सकें।
उन्होंने कहा कि वैश्विक दृष्टिकोण अपनाते हुए अधिकारी संगठित अपराध, आतंकवाद और साइबर खतरों से निपटने के लिए तैयार रहें, जिससे निर्दोष की रक्षा और दोषी को दंड सुनिश्चित हो सके।


कार्यक्रम के अन्य प्रमुख वक्ता

उद्घाटन सत्र में लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया और संयुक्त सचिव गौरव गोयल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।