sweet revolution
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रायपुर, 2 नवम्बर 2025 / ETrendingIndia / India on the path to a sweet revolution: National Beekeeping and Honey Mission paves the way for rural development / राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन , देश में “मीठी क्रांति” को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एनबीएचएम) ग्रामीण आजीविका, कृषि विविधीकरण और महिला सशक्तिकरण का नया प्रतीक बन गया है। वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक चलने वाली इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसका क्रियान्वयन राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (एनबीबी) द्वारा किया जा रहा है।

एनबीएचएम के तहत मधुमक्खी पालन के वैज्ञानिक विकास, शहद उत्पादन और उसके बाद की प्रक्रियाओं—जैसे प्रसंस्करण, भंडारण, विपणन और निर्यात—को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। योजना के तीन मिनी मिशन खेती में परागण सुधार, उत्पादनोत्तर प्रबंधन और शोध-विकास पर केंद्रित हैं।

भारत ने वर्ष 2024 में 1.4 लाख मीट्रिक टन प्राकृतिक शहद का उत्पादन किया और 2023-24 में 1.07 लाख मीट्रिक टन शहद का निर्यात कर 177.55 मिलियन डॉलर की आमदनी अर्जित की। इस उपलब्धि के साथ भारत अब चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा शहद निर्यातक बन चुका है।

सरकार ने 6 राष्ट्रीय स्तर के शहद परीक्षण केंद्र, 47 मिनी लैब, 26 प्रसंस्करण इकाइयां और 18 विपणन इकाइयां स्थापित की हैं। “मधु क्रांति पोर्टल” के माध्यम से 14,000 से अधिक मधुमक्खी पालकों, 200 कंपनियों और 269 सहकारी समितियों का पंजीकरण किया गया है।

यह मिशन न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक है बल्कि महिलाओं को स्व-सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता की नई ऊर्जा भर रहा है। एनबीएचएम के जरिए भारत में सचमुच एक नई “मीठी क्रांति” आकार ले रही है।