Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / कन्नड़ राज्योत्सव 2025 उत्सव , कर्नाटक में एकता और संस्कृति का पर्व – कन्नड़ राज्योत्सव 2025 कर्नाटक आज पूरे जोश और गर्व के साथ 70वां कन्नड़ राज्योत्सव 2025 मना रहा है। यह दिन वर्ष 1956 में राज्य के गठन और सभी कन्नड़ भाषी क्षेत्रों के एकीकरण की याद दिलाता है। इस अवसर पर राज्यभर में भाषा, संस्कृति और एकता के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने किए कार्यक्रमों की शुरुआत मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने बेंगलुरु में आयोजित मुख्य समारोह में देवी भूमनेश्वरी को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने राज्योत्सव दिवस की परेड को हरी झंडी दिखाकर उत्सवों की शुरुआत की। शाम को मुख्यमंत्री ने साहित्य, कला, सिनेमा, विज्ञान और कृषि जैसे क्षेत्रों में योगदान देने वाली 70 हस्तियों को सम्मानित किया। साहित्य परिषद और सांस्कृतिक संस्थानों का योगदान कन्नड़ साहित्य परिषद ने राज्योत्सव के अवसर पर प्रसिद्ध लेखकों की रचनाओं पर विशेष छूट की घोषणा की। साथ ही, राज्यभर में अनेक संस्थाओं ने कन्नड़ भाषा, इतिहास और परंपरा पर केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। एकता और गर्व का प्रतीक बना कन्नड़ राज्योत्सव कुल मिलाकर, कन्नड़ राज्योत्सव 2025 उत्सव ने कर्नाटक के लोगों में एकता और गर्व की भावना को और मजबूत किया है। यह पर्व कन्नड़ संस्कृति की समृद्ध विरासत और जन-जन के उत्साह का प्रतीक बन गया है। Share This Article Post navigation चक्रवात ‘मॉन्था’ ने मचाई तबाही, आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित नॉर्दर्न रेलवे ने तेज़ की रफ्तार, जल्द जुड़ेंगे जम्मू और श्रीनगर सीधी रेल सेवा से