रायपुर, 7 नवंबर 2025 / ETrendingIndia / First phase of Bihar Assembly Elections 2025: Record 64.66% voter turnout, election becomes a festival of celebration / बिहार विधानसभा चुनाव 2025 , भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में ऐतिहासिक 64.66% मतदान दर्ज किया गया। यह बिहार के चुनावी इतिहास का अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।

पहले चरण में राज्य के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हुआ। कुल 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता इस चरण में शामिल हुए।
मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने 100% मतदान केंद्रों पर पहली बार लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान प्रक्रिया की निगरानी की।
आयोग के कंट्रोल रूम से सीईसी ने जिलाधिकारियों और प्रेसीडिंग अधिकारियों से सीधे संवाद किया ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से चले।

इस बार बिहार में पहली बार अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक कार्यक्रम (IEVP) के तहत दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया के 16 प्रतिनिधियों ने मतदान प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने इसे पारदर्शी, कुशल और जनभागीदारी से भरपूर चुनाव बताया।
करीब 4 लाख मतदानकर्मी समय पर अपने केंद्रों पर पहुंचे और सुबह 7 बजे से पहले सभी 45,341 मतदान केंद्रों पर मॉक पोल पूरा किया गया। 1,314 उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त 67,902 मतदान एजेंट भी मौजूद रहे।
निर्वाचन आयोग की नई मतदाता- हितैषी पहलों ने मतदान को और सुविधाजनक बनाया। मतदाता इस बार ईवीएम पर उम्मीदवारों के रंगीन फोटो देखकर उत्साहित हुए। वहीं मोबाइल जमा सुविधा, नए डिजाइन की मतदाता सूचना पर्ची (VIS), हर केंद्र पर 1,200 तक मतदाताओं की सीमा और भीड़ कम करने की व्यवस्था की गई।
सभी मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, स्वयंसेवकों की मदद और दिव्यांग मतदाताओं के लिए ई-रिक्शा सुविधा उपलब्ध कराई गई। करीब 90,000 जीविका दीदी और महिला स्वयंसेवकों को पर्दानशीं महिलाओं की पहचान के लिए लगाया गया।

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, मतदान समाप्ति के बाद प्रेसीडिंग अधिकारियों ने मत प्रतिशत का त्वरित अद्यतन किया, जिससे मतदाता उपस्थिति की जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकी।
जिला और विधानसभावार मतदान प्रतिशत अब ECINet ऐप पर उपलब्ध है।
“चुनाव का पर्व – बिहार का गर्व” का नारा इस बार सच साबित हुआ, क्योंकि पूरे राज्य ने लोकतंत्र के इस महापर्व को उत्सव की तरह मनाया।
