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रायपुर,08 नवंबर 2025 / ETrendingIndia / National Legal Services Day: An initiative to make justice accessible to all / राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस , हर साल 9 नवंबर को भारत में राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के लागू होने की याद में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता देना है।

भारत की विधिक सहायता प्रणाली अब तक 44.22 लाख लोगों तक पहुंच चुकी है और लोक अदालतों के जरिए 23.58 करोड़ मामलों का समाधान किया गया है। दिशा योजना के तहत 2.10 करोड़ लोगों को मुकदमे से पहले सलाह और कानूनी सहायता दी गई है।

देश में राष्ट्रीय, राज्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से तीन-स्तरीय व्यवस्था काम कर रही है ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित न रहे।

लोक अदालतें, फास्ट ट्रैक कोर्ट और नारी अदालतें जैसे मंच न्याय की प्रक्रिया को तेज और सुलभ बना रहे हैं। वर्तमान में 865 फास्ट ट्रैक कोर्ट और 725 विशेष POCSO कोर्ट कार्यरत हैं, जिन्होंने लाखों मामलों का निपटारा किया है।

2022 से 2025 के बीच 13.83 लाख कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनसे लगभग 15 करोड़ लोग लाभान्वित हुए।

इस दिन पूरे देश में कानूनी साक्षरता शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं ताकि हर नागरिक अपने अधिकारों को जान सके और न्याय तक आसानी से पहुंच सके।