black dust
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रायपुर, 11 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / The havoc of “black dust” is increasing with the cold in Raipur, the problem of breathing has deepened/ रायपुर में काली धूल प्रदूषण , बरसात के बाद रायपुर में तापमान गिरते ही “काली धूल” की समस्या फिर बढ़ने लगी है। राजधानी के अधिकांश इलाकों में धूल की काली परत अब हर सुबह घरों, छतों और वाहनों पर साफ दिखाई दे रही है। यह धूल केवल मिट्टी का हिस्सा नहीं, बल्कि औद्योगिक वायु प्रदूषण का खतरनाक परिणाम बन चुकी है।

रायपुर जिले की पहचान धान और अनाज की खेती के लिए प्रसिद्ध रही है। इसी तरह यहाँ की गिट्टी ,मुरूम और रेत की खदानें जो बरसात के बाद आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाती है लेकिन इनका खनन धूल भी पैदा करता है. रायपुर में फिर से बढ़ रहा “काला” शब्द प्रदूषण के रूप में शहरवासियों के लिए चिंता का सबब बन गया है।

ठंड के मौसम में हवा का घनत्व बढ़ने से प्रदूषक कण नीचे बैठ जाते हैं और शहर काली धूल की परत में ढक जाता है। सिलतरा, उरला, भनपुरी और मंदिरहसौद जैसे औद्योगिक इलाकों में स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है, जहां स्पंज आयरन इकाइयों, ईंट भट्टों और पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा में मिलकर खतरनाक स्तर का प्रदूषण पैदा कर रहा है।

पेड़ों की गिरे पत्तियों तथा कचरा का जलाना तथा धान की फसल कटने के बाद पराली का जलाना, और बरसात के बाद निर्माण संबंधी गतिविधियों का बढ़ना भी प्रदूषण जैसी समस्या को बढ़ाता है. यही कारण है कि वायु प्रदूषण को नापने वाले AQI मापदंड में अब रायपुर की वायु की गुणवत्ता पहले की अपेक्षा खराब हुई है.

डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल के छाती रोग विभाग के अनुसार, ओपीडी में रोजाना आने वाले मरीजों में 30 से 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह धूल फेफड़ों में जमा होकर अस्थमा, खांसी, सांस फूलना और चर्म रोग जैसी बीमारियों को बढ़ा रही है। यदि हालात नहीं सुधरे तो रायपुर में वायु प्रदूषण “खतरनाक स्तर” पर पहुंच सकता है।

प्रदूषण नियंत्रण विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योगों पर सख्ती, निर्माण स्थलों पर नियंत्रण और जनता में जागरूकता बढ़ाकर ही रायपुर को “काली धूल” के इस संकट से बचाया जा सकता है। विशेषज्ञों द्वारा यह भी सलाह दी जाती है कि घरों के आस-पास वृक्षारोपण करें तथा घरों के अंदर भी वायु शुद्ध करने वाले पौधे लगाएं। इसी तरह प्रदूषित क्षेत्र में आँखों में चश्मा और नाक में मास्क लगाए.