CSIR and ISRO
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रायपुर 15 नवम्बर 2025 / ETrendingIndia / CSIR and ISRO join hands for Space Meet 2025 to advance India’s human spaceflight research / CSIR ISRO स्पेस मीट , वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) संयुक्त रूप से 17 नवंबर 2025 को बेंगलुरु के होटल रेडिसन ब्लू अटरिया में सीएसआईआर -इसरो स्पेस मीट 2025 का आयोजन करेंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य मानव अंतरिक्ष उड़ान अनुसंधान, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अध्ययन और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी नवाचारों को आगे बढ़ाने में भारत के प्रमुख वैज्ञानिक और अंतरिक्ष संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में आत्मनिर्भरता के भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हों।

यह सम्मेलन वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के सचिव एवं सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी और अंतरिक्ष विभाग के सचिव एवं इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा।

वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों, अंतरिक्ष यात्रियों और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 150 से 200 प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

बेंगलुरु में फ्रांस के महावाणिज्यदूत, डीआरडीओ, इसरो, आईआईएससी, भारतीय वायु सेना के अधिकारी, और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए), जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएक्सए) और फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी (सीएनईएस) के विशेषज्ञ जैसे गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इस सम्मेलन में मानव अंतरिक्ष उड़ान शरीरक्रिया विज्ञान, जैव-चिकित्सा उपकरण, पदार्थ विज्ञान, सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण में जीवन विज्ञान और अंतरिक्ष यान रखरखाव एवं संचालन हेतु उन्नत प्रणालियों जैसे सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी।

इस चर्चा में अंतरिक्ष में पौधों की वृद्धि, अंतरिक्ष खाद्य विकास, सूक्ष्म-द्रव विज्ञान, सिरेमिक मेटामटेरियल्स और सूक्ष्मजीवी क्षरण निवारण जैसे क्षेत्रों में नवाचारों पर भी चर्चा होगी।

इस कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा अनुभव साझा करने वाले सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा (सेवानिवृत्त) और इसरो के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन प्रशांत बी. नायर शामिल होंगे।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री और नासा के अंतरिक्ष शटल मिशन के अनुभवी श्री जीन-फ्रांस्वा क्लरवॉय का एक विशेष वीडियो संदेश भी प्रस्तुत किया जाएगा।

ईएसए, जेएक्सए, सीएनईएस और फ्रांसीसी अनुसंधान संस्थानों के अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ अंतरिक्ष शरीरक्रिया विज्ञान, जैव अभियांत्रिकी और अंतरिक्ष-आधारित प्रौद्योगिकियों के मानवीय अनुप्रयोगों पर सत्रों में योगदान देंगे।

राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाएं (सीएसआईआर-एनएएल), बेंगलुरु, इस आयोजन का नोडल आयोजक संस्थान है। सीएसआईआर के अधीन भारत के प्रमुख एयरोस्पेस अनुसंधान संस्थान के रूप में, एनएएल ने देश के अंतरिक्ष और रक्षा कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

वायुगतिकी, संरचनात्मक डिज़ाइन, एयरोस्पेस सामग्री और उड़ान परीक्षण में इसकी विशेषज्ञता ने इसरो और डीआरडीओ को मिशन की सफलता के लिए आवश्यक स्वदेशी तकनीकों के विकास में सहायता की है।

हल्के मिश्रित पदार्थों, उन्नत एयरफ्रेम संरचनाओं और सिमुलेशन प्रणालियों के निर्माण में एनएएल के निरंतर प्रयास एयरोस्पेस और अंतरिक्ष इंजीनियरिंग में भारत की क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

इस पहल के माध्यम से, सीएसआईआर और इसरो वैज्ञानिक संस्थानों के बीच मज़बूत अनुसंधान संबंध बनाने और एक ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं जो सामाजिक लाभ के लिए अंतरिक्ष चिकित्सा, मानव कारक इंजीनियरिंग और ट्रांसलेशनल तकनीकों में नवाचार को बढ़ावा दे।

इस बैठक के दौरान होने वाले विचार-विमर्श से भविष्य के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशनों के लिए एक सहयोगात्मक रोडमैप तैयार करने और अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के नए रास्ते तलाशने की उम्मीद है।

स्पेस मीट 2025, अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत के वैज्ञानिक नवाचार, तकनीकी आत्मनिर्भरता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए राष्ट्र की व्यापक प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है ।