Share This Article रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और किसान कल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नवरात्रि की नवमी पर किसानों के लिए संशोधित ‘एग्री वेलफेयर पोर्टल’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस नए पोर्टल का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाताओं तक सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और खेती से जुड़ी सटीक जानकारियों को बिना किसी परेशानी और बिचौलियों के सीधे उनके मोबाइल फोन तक पहुंचाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि सरकार हर समय आम नागरिक और किसान के लिए मोबाइल पर लाइव रहे। तकनीक की असली सार्थकता तभी है जब वह सीधे खेत-खलिहान तक पहुंचे और किसान का जीवन आसान बनाए। इस पोर्टल के जरिए अब किसानों को योजनाओं की जानकारी लेने या आवेदन करने के लिए अलग-अलग दफ्तरों और वेबसाइटों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफार्म केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को भी एक साथ जोड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पोर्टल की सफलता सही और समयबद्ध जानकारी से तय होगी। पुरानी या अधूरी सूचनाएं व्यवस्था पर भरोसा कम करती हैं, इसलिए पोर्टल पर हर जानकारी का लगातार अपडेट होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही भाषा और प्रक्रिया को इतना सरल रखा जाए कि कम पढ़े-लिखे छोटे और सीमांत किसान भी इसे आसानी से समझ व चला सकें। कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए विशेष प्रशिक्षण अभियान किसानों को इस पोर्टल और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल में माहिर बनाने के लिए देश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के जरिए एक विशेष प्रशिक्षण अभियान भी चलाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने इस महत्वपूर्ण पहल को समय पर तैयार करने के लिए पूरी तकनीकी टीम की सराहना की। यह नया पोर्टल MeitY के DBIM 3.0 और GIGW 3.0 मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है जो बेहद सुरक्षित, मोबाइल-अनुकूल और दिव्यांगजनों के उपयोग के लिए भी पूरी तरह सुलभ है। यह मंच पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और पीएम फसल बीमा योजना जैसी बड़ी पहलों के लिए एक साझा प्रवेश-द्वार (सिंगल विंडो) का काम करेगा। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव श्री अतीश चंद्रा और अतिरिक्त सचिव श्री प्रमोद मेहरदा सहित डिजिटल कृषि प्रभाग के साथ ही मंत्रालय व एनआईसी (NIC) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पोर्टल किसानों के लिए उपयोगी साबित होगा सब कुछ एक ही जगह: मंत्रालय की सभी योजनाएं, सब्सिडी, नियम और डिजिटल सेवाएं अब एक ही पोर्टल पर मौजूद हैं जिससे समय और भागदौड़ की पूरी बचत होगी। पारदर्शिता और बिचौलियों से मुक्ति: ऑनलाइन पात्रता जांच, सीधे आवेदन और खाते में सहायता राशि (DBT) पहुंचने से प्रक्रिया पारदर्शी होगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। धीमे इंटरनेट पर भी तेज संचालन: ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखकर इसे बेहद हल्का और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है जो साधारण स्मार्टफोन और कमजोर नेटवर्क में भी आसानी से काम करता है। समय पर सही जानकारी: मौसम का हाल, नई वैज्ञानिक खेती के तरीके, बीज-खाद की उपलब्धता और मंडियों के भाव की प्रामाणिक जानकारी सीधे किसान तक पहुंचेगी। दिव्यांगजनों के लिए भी सुगम: आधुनिक सरकारी मानकों के तहत इसे ऐसा बनाया गया है कि दृष्टिबाधित और दिव्यांग भाई-बहन भी स्क्रीन-रीडर और सरल नेविगेशन से इसका लाभ उठा सकेंगे। Share This Article Post navigation Call Forwarding Scam : Android यूजर्स के लिए Google का बड़ा सुरक्षा अपडेट, फर्जी मैसेज से लेकर स्कैम कॉल तक पर लगेगी लगाम