रायपुर 19 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / The AI bubble and the future of technology: Sundar Pichai warns, but also reassures, that “AI is still learning,” so discretion should be exercised in its use / एआई बबल चेतावनी , श्री सुंदर पिचाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर दुनिया भर के निवेशकों, टेक कंपनियों और उपयोगकर्ताओं को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। पिचाई ने कहा कि यदि मौजूदा समय में चर्चा का केंद्र बने एआई बबल के फूटने की नौबत आती है, तो कोई भी कंपनी इससे सुरक्षित नहीं बचेगी—यहां तक कि गूगल भी नहीं।
इंटरनेट की तरह एआई भी गुजरेगा उतार-चढ़ाव से
एक इंटरव्यू में पिचाई ने कहा कि आज एआई के क्षेत्र में जिस तेज़ी से निवेश हो रहा है, उसने एक असंतुलित वातावरण पैदा किया है। उन्होंने इंटरनेट के शुरुआती दौर की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय भी जरूरत से ज्यादा निवेश और उत्साह देखा गया था, लेकिन कुछ वर्षों बाद वही इंटरनेट विश्व अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन गया। उन्होंने कहा, “एआई के साथ भी यही होगा—इसमें कुछ तर्कसंगतता है और कुछ अतार्किकता। लंबे समय में यह दुनिया बदलने वाली तकनीक है।”
गूगल ने इसी सोच के तहत मई 2025 से अपने सर्च में एआई मोड जोड़ा है, जहां Gemini चैटबॉट उपयोगकर्ताओं को एक्सपर्ट-जैसा इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान कर रहा है।
सुंदर पिचाई ने उपयोगकर्ताओं को साफ चेतावनी दी कि मौजूदा एआई तकनीक पर ब्लाइंड ट्रस्ट करना जोखिम भरा है। उन्होंने कहा—
एआई टूल्स गलतियां कर सकते हैं, यह उनकी तकनीकी संरचना का हिस्सा है। इन्हें अन्य टूल्स के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना ही समझदारी है। एआई रचनात्मक लेखन, शोध, ड्राफ्टिंग जैसे कामों में मददगार है, लेकिन अंतिम निर्णय मनुष्य को ही लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गूगल लगातार सटीकता बढ़ाने पर काम कर रहा है, लेकिन “एआई अभी भी सीख रहा है”, इसलिए उपयोगकर्ताओं को भी इसके उपयोग में विवेक बरतना चाहिए।
एआई निवेश में तेजी, लेकिन बढ़ती चिंता भी
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर एआई स्टार्टअप्स में निवेश पिछले दो वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है, जिसके चलते विशेषज्ञ “AI Overvaluation” की चेतावनी दे रहे हैं।कई मीडिया रिपोर्टों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या एआई का वर्तमान उछाल वैसा ही बुलबुला है जैसा 2000 का डॉट-कॉम बबल था। माइक्रोसॉफ्ट, मेटा, अमेज़न सहित सभी बड़ी कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर खर्च कर रही हैं, जिससे जोखिम भी बढ़ रहा है।
एआई का भविष्य: जोखिम भी, संभावना भी
पिचाई के बयान से स्पष्ट है कि टेक दिग्गज एआई के भविष्य को लेकर उत्साहित भी हैं और सावधान भी। वे मानते हैं—
एआई मानव जीवन और उद्योगों के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
लेकिन इसका विकास जिम्मेदारी और संतुलन के साथ होना जरूरी है।
जो कंपनियां एआई में सही दिशा में निवेश करेंगी, वही आगे टिक पाएंगी।
सुंदर पिचाई की चेतावनी एआई के बढ़ते प्रभाव, अनियंत्रित निवेश और टेक्नोलॉजी के भविष्य पर चल रही वैश्विक बहस के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश है—एआई अपार संभावनाओं वाला भविष्य है, लेकिन समझदारी और सतर्कता इसकी अनिवार्य शर्तें हैं।
