रायपुर 23 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / India’s next agricultural revolution will be through AI – Dr. Jitendra Singh / AI कृषि क्रांति भारत , मुंबई में आयोजित AI4Agri 2026 सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री डॉ. जीतेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की अगली कृषि क्रांति कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संचालित होगी।
उन्होंने बताया कि AI खेती की पुरानी समस्याओं—जैसे अनियमित मौसम, सही जानकारी की कमी और बिखरे बाजार—का बड़े स्तर पर समाधान दे सकता है।
किसानों को 70,000 करोड़ रुपये का संभावित लाभ
मंत्री ने कहा कि यदि AI की मदद से हर किसान सालाना केवल 5,000 रुपये भी बचा ले, तो देश के लगभग 14 करोड़ किसानों को मिलाकर 70,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मूल्य मिल सकता है। इससे खेती की आय और उत्पादकता दोनों बढ़ेंगी।
10,372 करोड़ रुपये का इंडिया AI मिशन
इस पहल को 10,372 करोड़ रुपये के इंडिया AI मिशन से जोड़ा गया है। इसके तहत सुपरकंप्यूटिंग, बड़े डाटा सेट और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि कृषि क्षेत्र में नई तकनीक विकसित हो सके।
‘ भारतजन’ और ‘Agri Param’ मॉडल
सरकार के ‘भारतजन’ प्लेटफॉर्म के तहत ‘Agri Param’ नामक कृषि AI मॉडल तैयार किया गया है, जो 22 भारतीय भाषाओं में किसानों को सलाह देता है। अब किसान अपनी मातृभाषा में जानकारी पा सकेंगे।
राष्ट्रीय Agri-AI अनुसंधान नेटवर्क
केंद्र सरकार राष्ट्रीय Agri-AI अनुसंधान नेटवर्क और Agri Data Commons ढांचा बनाने जा रही है। इसमें DST, ICAR, IIT और अन्य संस्थान मिलकर फसल, मिट्टी और जलवायु से जुड़ा डाटा तैयार करेंगे।
ड्रोन, उपग्रह और जलवायु चेतावनी
ड्रोन और उपग्रह मैपिंग से मृदा स्वास्थ्य कार्ड और भूमि रिकॉर्ड मजबूत हो रहे हैं। AI आधारित मौसम चेतावनी प्रणाली से किसान पहले से योजना बना सकेंगे और नुकसान कम होगा।
निवेशकों से अपील
मंत्री ने निवेशकों से कृषि-AI में दीर्घकालिक निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि AI केवल तकनीक नहीं, बल्कि किसानों के लिए उपयोगी समाधान होना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत वैश्विक कृषि-AI ढांचे में केवल भागीदार नहीं, बल्कि अग्रणी भूमिका निभाना चाहता है।
