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रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / एम्स रायपुर ने धरसीवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया।

इसमें 60 से अधिक गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की माताओं, मितानिनों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।

शिविर में गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, नवजात शिशुओं की प्रारंभिक स्क्रीनिंग और बीमारियों की समय पर पहचान के महत्व की जानकारी दी गई।

गर्भावस्था में इन जांचों पर दिया जोर

एम्स की प्रो. (डॉ.) सुप्रवा पटेल ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया, उच्च रक्तचाप, गर्भावधि मधुमेह और आनुवंशिक विकारों की समय पर पहचान के लिए प्रसवपूर्व जांच जरूरी है।

इससे मां और बच्चे के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल में मदद मिलती है।

नवजातों में गंभीर बीमारियों की पहचान जरूरी

प्रो. (डॉ.) तुषार जगजापे ने नवजात शिशुओं में जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म, जी6पीडी की कमी और सिकल सेल रोग की शुरुआती जांच के महत्व को समझाया। वहीं, डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने आनुवंशिक परामर्श, समय पर जांच और नियमित टीकाकरण के प्रति जागरूक किया।

सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता की पहल

यह कार्यक्रम एम्स रायपुर की अधिष्ठाता (शैक्षणिक) एवं सिकल सेल समिति की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एलि मोहापात्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसमें एम्स की सिकल सेल समिति, जैव रसायन विभाग और एसोसिएशन ऑफ बायोकेमिस्ट्री क्लिनिकल वेलफेयर सोसाइटी की भागीदारी रही।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना और सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित करना है।


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