Share This Article रायपुर, 14 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / एयर इंडिया ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करते हुए अपने सभी पायलटों के लिए मादक पदार्थों और नियमों के तहत प्रतिबंधित दवाओं की जांच अनिवार्य कर दी है। यह फैसला 4 अगस्त की फुकेट-दिल्ली उड़ान में विमान के अचानक 300 फीट नीचे जाने की घटना के बाद लिया गया है। इस घटना में 20 यात्री और चालक दल के 4 सदस्य घायल हुए थे। हर पायलट की होगी जांच एयर इंडिया ने 13 अगस्त 2026 से सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। जांच उड़ान के बाद, प्रशिक्षण के दौरान या पायलट के बेस पर निर्धारित स्थानों पर की जाएगी। फुकेट-दिल्ली उड़ान के बाद बड़ा फैसला 4 अगस्त को एयर इंडिया की उड़ान AI 2379 हवा में अचानक करीब 300 फीट नीचे चली गई थी। विमान में 137 यात्री और चालक दल के 8 सदस्य सवार थे। शुरुआती ड्रग स्क्रीनिंग में मुख्य पायलट के पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसका नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। DGCA नियमों से आगे बढ़ी एयर इंडिया DGCA के मौजूदा नियमों में सभी पायलटों की नियमित ड्रग जांच अनिवार्य नहीं है, बल्कि औचक जांच का प्रावधान है। एयर इंडिया ने इससे आगे बढ़कर सभी पायलटों की स्क्रीनिंग का फैसला किया है। यात्रियों का भरोसा बनाए रखना लक्ष्य कंपनी के उड़ान परिचालन प्रमुख महेश उप्पल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सुरक्षा और पेशेवर मानकों को मजबूत करना तथा यात्रियों और अन्य हितधारकों का भरोसा बनाए रखना है। Share This Article Post navigation India-USA Navy joint Exercise : कोच्चि में शुरू… राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक भाषण के खिलाफ शिकायतें खारिज