Share This Article रायपुर, 17 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इजरायल के लिए करीब 26,000 करोड़ रुपये के हथियार पैकेज को मंजूरी दे दी है। इस पैकेज में करीब 40,000 बम शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक का वजन लगभग एक टन है। यह हाल के वर्षों में इजरायल को अमेरिका की ओर से दिए गए सबसे बड़े गोला-बारूद पैकेजों में से एक बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल ही में इस समझौते को अनौपचारिक समीक्षा के लिए कांग्रेस की समितियों को भेजा था। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका इजरायल को आई-2000 भेदी वारहेड भी देगा। इनका इस्तेमाल विस्फोट से पहले मिट्टी, चट्टान और कंक्रीट जैसी सतहों को भेदने के लिए किया जाता है। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया कि प्रशासन ने इस बिक्री को मंजूरी दे दी है। हालांकि, अमेरिकी सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एक अधिकारी ने कहा कि हथियारों की बिक्री निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है। पैकेज के तहत अमेरिका इजरायल को 20,000 एमके-84 और 20,000 बीएलयू-117 बम देगा। एमके-84 को अत्यधिक विनाशकारी पारंपरिक बमों में शामिल किया जाता है। इसके विस्फोट से धातु के बड़े टुकड़े दूर तक बिखर सकते हैं और कंक्रीट की मोटी दीवारों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसके धमाके से जमीन में बड़े गड्ढे बन सकते हैं। इजरायल गाजा और लेबनान में इन बमों का इस्तेमाल करता रहा है। वर्ष 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल को एमके-84 बम भेजने पर रोक लगा दी थी। उनका कहना था कि गाजा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में इनका इस्तेमाल होने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो सकती है। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद यह रोक हटा दी गई। इजरायल का कहना है कि हमास और हिजबुल्लाह बंकरों तथा सुरंगों का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें निशाना बनाने के लिए शक्तिशाली गोला-बारूद की आवश्यकता होती है। ट्रंप प्रशासन इससे पहले भी इजरायल को बड़े पैमाने पर हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे चुका है। फरवरी 2025 में अमेरिका ने एमके-84 गोला-बारूद सहित 70,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बम, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरणों की बिक्री को मंजूरी दी थी। इसी वर्ष जनवरी में भी ट्रंप ने करीब 60,000 करोड़ रुपये के हथियार सौदे को मंजूरी दी थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान के साथ युद्ध के बाद अमेरिकी सैन्य भंडारों पर दबाव बढऩे की बात कही जा रही है। हालांकि, नए हथियार पैकेज की आधिकारिक घोषणा और इसकी आपूर्ति की समय-सीमा के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। Share This Article Post navigation नासा ने खोजा चांद पर विशाल नया गड्ढा, 141 फीट तक गहरा है क्रेटर