रायपुर ,09 मार्च 2026/ ETrendingIndia / After Khamenei, Kim Jong Un!, Trump sends US troops to Korea; war preparations begin / अमेरिका उत्तर कोरिया तनाव , मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच कोरियाई प्रायद्वीप पर भी अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच टकराव बढऩे की आशंका जताई जा रही है।
इसकी वजह अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्डÓ है, जिसमें हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। यह युद्धाभ्यास 19 मार्च तक चलेगा।
दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के मुताबिक इस अभ्यास में करीब Ó18 हजार दक्षिण कोरियाई सैनिकÓ शामिल हैं। हालांकि यूएस फोर्सेस कोरिया (स्स्न्य) ने इसमें भाग लेने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या सार्वजनिक नहीं की है।
यह संयुक्त सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब दक्षिण कोरियाई मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका अपने कुछ सैन्य संसाधनों को दक्षिण कोरिया से हटाकर मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई के लिए भेज रहा है।
अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह कहा था कि सुरक्षा कारणों से वह सैन्य संसाधनों की तैनाती और गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं करेगी। वहीं दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने भी उन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है, जिनमें दावा किया गया था कि कुछ अमेरिकी पैट्रियट एंटी-मिसाइल सिस्टम और अन्य उपकरणों को मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है।
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इससे दोनों देशों की संयुक्त रक्षा रणनीति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
दूसरी ओर उत्तर कोरिया लंबे समय से ‘फ्रीडम शील्डÓ अभ्यास का विरोध करता रहा है। प्योंगयांग का कहना है कि ऐसे सैन्य अभ्यास उसके खिलाफ हमले की तैयारी का हिस्सा हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।
उत्तर कोरियाई नेता ‘किम जोंग उनÓ ने पिछले महीने प्योंगयांग में एक सम्मेलन के दौरान दक्षिण कोरिया के प्रति अपना कड़ा रुख दोहराया था, हालांकि उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत के दरवाजे खुले रखने की बात भी कही थी। उन्होंने यह भी मांग की कि अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण को बातचीत की पूर्व शर्त न बनाए।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में किम जोंग उन और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई शिखर वार्ता के विफल होने के बाद उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ लगभग सभी सार्थक वार्ताएं बंद कर दी थीं।
इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया है।
हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया है। साथ ही उसने रूस के साथ सैन्य संबंध भी मजबूत किए हैं और यूक्रेन युद्ध में रूस को हथियार और सैनिक भेजने की खबरें भी सामने आती रही हैं।
‘फ्रीडम शील्डÓ अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच साल में दो बार होने वाले कमांड पोस्ट अभ्यासों में से एक है। दूसरा अभ्यास अगस्त में ‘उलची फ्रीडम शील्डÓ के नाम से आयोजित किया जाता है। ये अभ्यास मुख्य रूप से कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए संयुक्त सैन्य संचालन की क्षमता का परीक्षण करते हैं। इस बार फील्ड ट्रेनिंग कार्यक्रम ‘वारियर शील्डÓ के तहत 22 फील्ड अभ्यास आयोजित किए जाएंगे, जो पिछले साल के 51 अभ्यासों से कम हैं।
हालांकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि फील्ड अभ्यास पूरे वर्ष अलग-अलग चरणों में होते रहते हैं। वहीं कुछ विश्लेषकों का मानना है कि सहयोगी देश उत्तर कोरिया के साथ संभावित वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ‘ली जे-म्युंगÓ ने भी कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की इच्छा जताई है।
