रायपुर 26 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / : रात की शिफ्ट और समय क्षेत्रों की यात्रा से जोखिम बढ़ा
नई स्टडी के अनुसार, महिलाएं जो रात की शिफ्ट में काम करती हैं या अक्सर समय क्षेत्रों में यात्रा करती हैं, उन्हें अनियमित नींद के कारण आक्रामक ब्रैस्ट कैंसर का अधिक खतरा होता है। अनियमित नींद शरीर की सर्केडियन रिदम को प्रभावित करती है।
सर्केडियन रिदम और कैंसर का संबंध
टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि शरीर की आंतरिक 24-घंटे की घड़ी केवल नींद नहीं बल्कि हार्मोन रिलीज़, ऊतक मरम्मत और इम्यून सिस्टम को भी नियंत्रित करती है। जब यह रिदम बाधित होती है, तो शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर पड़ जाती है और कैंसर तेजी से फैलने लगता है।
अध्ययन के निष्कर्ष
शोध में दो समूहों का परीक्षण किया गया। एक समूह ने सामान्य दिन-रात चक्र का पालन किया, जबकि दूसरे समूह में सर्केडियन रिदम बाधित करने के लिए लाइट शेड्यूल बदल दिया गया। निष्कर्ष दिखाते हैं कि बाधित चक्र वाले समूह में कैंसर जल्दी विकसित हुआ और ट्यूमर अधिक आक्रामक थे। इसके अलावा, ये ट्यूमर फेफड़ों तक फैलने की संभावना रखते थे।
इम्यून सिस्टम और ऊतक संरचना पर प्रभाव
सर्केडियन रिदम की गड़बड़ी इम्यून डिफेंस को दबा देती है और स्वस्थ ब्रैस्ट टिशू को भी अधिक संवेदनशील बना देती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि दूध बनाने वाली ग्रंथियों की संरचना में बदलाव हुआ, जिससे कैंसर के लिए अनुकूल वातावरण बन गया।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, अनियमित नींद और disrupted सर्केडियन रिदम महिलाओं में आक्रामक ब्रैस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। नियमित नींद, सही दिन-रात चक्र और इम्यून सिस्टम की सुरक्षा इस जोखिम को कम कर सकते हैं।
