रायपुर 28 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / एंटी रैबीज वैक्सीन स्टॉक रखने का राष्ट्रीय निर्देश
देशभर में बढ़ते कुत्ते के काटने के मामलों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को एंटी रैबीज वैक्सीन स्टॉक हर समय उपलब्ध रखना होगा। इसके साथ ही रैबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG) भी अनिवार्य रूप से रखना होगा। यह निर्देश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी किया है।
डॉग बाइट मामलों से निपटने की तैयारी
सरकार ने केवल अस्पतालों के लिए ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूल, अस्पताल, बस डिपो, रेलवे स्टेशन और खेल परिसर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में आवारा कुत्तों की घुसपैठ रोकने के उपाय किए जाएंगे। इससे डॉग बाइट की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।
ARV और RIG क्यों हैं जरूरी
एंटी रैबीज वैक्सीन स्टॉक का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ARV शरीर में लंबे समय तक सुरक्षा देने के लिए एंटीबॉडी बनाता है। वहीं RIG तुरंत सुरक्षा देता है। दोनों दवाएं मिलकर पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PEP) का हिस्सा हैं। इसलिए अस्पतालों में इनकी उपलब्धता जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाती है।
भारत में उत्पादन क्षमता पर्याप्त
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हर साल लगभग 5.36 करोड़ डोज एंटी रैबीज वैक्सीन बनाने की क्षमता है। हालांकि कभी-कभी मांग का सही अनुमान न होने और सप्लाई में देरी के कारण स्टॉक की कमी हो जाती है। सरकार का नया आदेश इसी समस्या को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
