Mother a Daily Wage Laborer
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रायपुर, 08 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / आर्थिक तंगी के बावजूद 19 वर्षीय अनु सुप्रिया ने हौसला नहीं छोड़ा। बिना महंगी कोचिंग के JEE की तैयारी कर उन्होंने NIT रायपुर में B.Tech में प्रवेश हासिल किया। ‘टॉप-क्लास एजुकेशन स्कीम’ के तहत मिली ₹29,100 की वित्तीय सहायता ने उनकी पढ़ाई जारी रखने में अहम भूमिका निभाई।

मुश्किल हालात में भी नहीं छोड़ा पढ़ाई का सपना

ओबीसी/तेली समुदाय से आने वाली अनु का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। उनकी मां दिहाड़ी मजदूर हैं और उन्होंने अकेले ही अनु का पालन-पोषण किया। आर्थिक स्थिति के कारण अनु JEE की ऑफलाइन कोचिंग भी नहीं ले सकीं। परिवार में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की जानकारी न होने से उन्हें JEE की तैयारी के बारे में भी देर से पता चला।

मेहनत के दम पर NIT रायपुर में दाखिला

सीमित संसाधनों के बावजूद अनु ने मेहनत जारी रखी और NIT रायपुर में B.Tech प्रथम वर्ष में प्रवेश हासिल किया। यह उपलब्धि उनके लिए बेहतर करियर की दिशा में बड़ा कदम बनी।

₹29,100 की मदद से कम हुआ आर्थिक बोझ

2025 में टॉप-क्लास एजुकेशन स्कीम के तहत अनु को ₹29,100 की वित्तीय सहायता मिली। इससे परिवार पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम हुआ और अनु को अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।

अब टेक्नोलॉजी में करियर बनाने की तैयारी

अनु फिलहाल C और C++ प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम (DSA) सीख रही हैं। पढ़ाई के साथ वह व्यायाम और चित्रकला जैसी गतिविधियों में भी हिस्सा ले रही हैं।

बड़ा लक्ष्य—कंप्यूटर साइंस में पहचान बनाना

अनु भविष्य में टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सफल करियर बनाना चाहती हैं। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में ऊंची उपलब्धियां हासिल करने और अपने ज्ञान से समाज में सकारात्मक योगदान देने का लक्ष्य रखती हैं।

अनु सुप्रिया की कहानी बताती है कि सही समय पर मिली शैक्षिक सहायता आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली छात्रों के सपनों को नई उड़ान दे सकती है।