रायपुर , 5 नवम्बर 2025 / ETrendingIndia / Army Sports Conclave 2025: Emphasis on India’s Olympic Mission 2036 / आर्मी स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव 2025 , भारतीय थल सेना ने मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में आर्मी स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य था भारत को ओलंपिक मिशन 2036 में सफलता दिलाने के लिए थल सेना की भूमिका और योगदान को मजबूत करना।
कार्यक्रम का उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल अजय रामदेव, एकीकृत प्रशिक्षण महानिदेशक ने किया। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव “उद्देश्य और जुनून के संगम” का प्रतीक है और वैज्ञानिक व मानसिक दृष्टिकोण से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि खेल सचिव हरि रंजन राव ने थल सेना की भूमिका की सराहना की और कहा कि सेना विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के निर्माण में अहम योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि “खेलो इंडिया”, “टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना” और “खेल विज्ञान” के माध्यम से सरकार 2036 के लिए ठोस तैयारी कर रही है।
उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर ने कहा कि सेना के अनुशासन और फिटनेस की भावना खेलों में उत्कृष्टता की आधारशिला है। उन्होंने थल सेना, खेल प्राधिकरणों और निजी संस्थानों के बीच सहयोग की आवश्यकता बताई।
कॉन्क्लेव की दो मुख्य थीम थीं – “संस्थागत तालमेल” और “एथलीट 360”, जिन पर एथलीटों के समग्र विकास और खेल नीति के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने तीन महान खिलाड़ियों – कर्नल बलबीर सिंह कुल्लर , मुरलीकांत पेटकर और विजय कुमार शर्मा – को “आर्मी स्पोर्ट्स लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” से सम्मानित किया।
कॉन्क्लेव के अंत में यह संकल्प दोहराया गया कि थल सेना साझेदारी और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के माध्यम से भारत को 2036 तक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगी।
