रायपुर 5 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Online gaming addiction: A growing concern for children/ बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग लत , मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग की लत तेजी से बढ़ रही है। कई बच्चे घंटों मोबाइल पर गेम खेलते रहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई, नींद, शारीरिक गतिविधि और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। कुछ मामलों में बच्चों में चिड़चिड़ापन, अकेलापन और आक्रामक व्यवहार भी देखने को मिल रहा है।
मानसिक और शारीरिक नुकसान
अत्यधिक गेमिंग से आंखों पर जोर, सिरदर्द, नींद की कमी और मोटापे जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। वहीं हिंसक गेम बच्चों की सोच और व्यवहार को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
माता-पिता की भूमिका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चों को गेमिंग की लत से बचाने में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम है। अगर माता-पिता खुद भी मोबाइल और स्क्रीन का कम उपयोग करेंगे, तो बच्चे उनसे प्रेरणा लेंगे।
स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण
बच्चों के लिए रोज़ाना स्क्रीन टाइम तय करना जरूरी है। पढ़ाई, खेल और परिवार के समय के बीच संतुलन बनाकर ही मोबाइल उपयोग की अनुमति दें।
संवाद और समय देना जरूरी
बच्चों से खुलकर बात करें और उनके साथ समय बिताएं। उनकी रुचियों को समझें और खेल, कला, किताबें जैसी वैकल्पिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें।
निगरानी और सही मार्गदर्शन
बच्चे कौन से गेम खेल रहे हैं, इस पर नजर रखना जरूरी है। उम्र के अनुसार सुरक्षित और शिक्षाप्रद कंटेंट चुनने में माता-पिता का मार्गदर्शन बच्चों को इस लत से बचा सकता है।
