Share This Article रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / मध्यप्रदेश में मोरों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए नई परियोजना शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र में इसकी घोषणा की। उन्होंने बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क और गीता भवन बनाने, कवि प्रदीप सम्मान समारोह आयोजित करने तथा भाट पचलाना और इंगोरिया में नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की भी जानकारी दी। इस अवसर पर माँ चामुंडा धाम गजनीखेड़ी में ₹22.34 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। मोरों के संरक्षण और पुनर्वास पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मोरों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए नई परियोजना शुरू होगी। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रदेश में चीतों की पुनर्स्थापना की भी बात कही। बड़नगर में बनेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे स्थानीय किसानों को उपज के प्रसंस्करण के अवसर मिलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। 35 जिलों के किसानों से खरीदा जाएगा आलू उज्जैन और आगर में आलू प्रसंस्करण की नई इकाइयां शुरू हो रही हैं। ये इकाइयां प्रदेश के 35 जिलों के किसानों से आलू खरीदेंगी, जिससे उनकी उपज के विपणन और उचित मूल्य मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। ₹22.34 करोड़ के विकास कार्य माँ चामुंडा धाम गजनीखेड़ी में धर्मशाला, सामुदायिक भवन, पेयजल व्यवस्था, सड़क और अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों के भवन, बड़नगर सिविल अस्पताल के उन्नयन, इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल तथा विभिन्न वार्डों में सड़क और नाली निर्माण कार्य भी शामिल हैं। सिंहस्थ के लिए ₹25 हजार करोड़ के कार्य मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ की तैयारियों के लिए ₹25 हजार करोड़ के विभिन्न विकास कार्य प्रगतिरत हैं। मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना दोबारा शुरू मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना दोबारा शुरू की गई है। साथ ही दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने और सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले राहवीरों को ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक जितेंद्र पंड्या, विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। Share This Article Post navigation Gwalior Tragedy : मंदिर के रास्ते पर मौत बनकर दौड़ा धान से भरा ट्रक, 15 श्रद्धालुओं की जान गई, परिवारों में कोहराम