Baglamukhi Temple: Major controversy over donations at a famous temple in Madhya Pradesh! Following the Ram Mandir incident, silver and cash offerings have now been stolen from the Maa Baglamukhi temple; the Collector has constituted an inquiry committee.
Baglamukhi Temple
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आगर मालवा, 08 जुलाई 2026/ Baglamukhi Temple: Major controversy over donations at a famous temple in Madhya Pradesh! Following the Ram Mandir incident, silver and cash offerings have now been stolen from the Maa Baglamukhi temple; the Collector has constituted an inquiry committee.

Baglamukhi Temple : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान से जुड़े विवाद के बीच अब मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में भी दान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मंदिर के रजत (चांदी) सौंदर्यीकरण के लिए श्रद्धालुओं से मिले नकद, सोना और चांदी के उपयोग में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

गैर-शासकीय समिति पर लगे गंभीर आरोप

शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि मंदिर की अधिकृत व्यवस्था से अलग एक गैर-शासकीय समिति द्वारा श्रद्धालुओं से नगद, स्वर्ण और रजत दान एकत्र किए गए तथा उनके उपयोग और लेखा-जोखा में पारदर्शिता नहीं बरती गई। आरोपों के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

कलेक्टर ने बनाई तीन सदस्यीय जांच समिति

आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया है।

समिति में शामिल हैं, बी.एस. सोलंकी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत)- अध्यक्ष, मनीष सोलंकी (जिला कोषालय अधिकारी)- सदस्य, मिनी अग्रवाल (मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नलखेड़ा)- सदस्य। जांच दल को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

किन बिंदुओं पर होगी जांच?

कलेक्टर के आदेश के अनुसार जांच समिति यह पता लगाएगी, क्या अधिकृत प्रबंधन से अलग समानांतर दान संग्रह किया गया? श्रद्धालुओं से मिले नकद, सोना और चांदी का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है? दान का लेखा-जोखा और बैंक खातों का संचालन कैसे हुआ? वित्तीय अनियमितता में किसी अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन या अन्य व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है या नहीं?

समिति को मंदिर परिसर का निरीक्षण कर दस्तावेज, अभिलेख और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

देशभर से आते हैं लाखों श्रद्धालु

आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर को अत्यंत प्राचीन और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि पांडवों ने कौरवों पर विजय प्राप्त करने के लिए यहीं शत्रु विजय यज्ञ किया था। देशभर से लाखों श्रद्धालु और कई वीआईपी यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल मामला आरोपों के स्तर से आगे बढ़कर प्रशासनिक जांच के दायरे में पहुंच चुका है। अब सभी की नजर सात दिन बाद आने वाली जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।