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रायपुर, 3 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Balsamund Reservoir becomes an environmental role model: Wetland conservation provides new support to biodiversity/ बालसमुंद जलाशय आर्द्रभूमि संरक्षण , विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के अवसर पर बलौदाबाजार जिले के बालसमुंद जलाशय, पलारी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशाला ने पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरक सफलता की कहानी प्रस्तुत की।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बलौदाबाजार के आयोजन ने यह संदेश दिया कि आर्द्रभूमियों का संरक्षण पृथ्वी के संतुलन के लिए कितना आवश्यक है।

आर्द्रभूमियाँ: जीवन और जैव विविधता का आधार

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि आर्द्रभूमियाँ अनेक दुर्लभ, संकटग्रस्त और स्थानिक प्रजातियों का घर हैं। ये भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण और स्थानीय जलवायु संतुलन में अहम भूमिका निभाती हैं। बावजूद इसके, ये पारिस्थितिक तंत्र तेजी से नष्ट हो रहे हैं, जिससे संरक्षण की आवश्यकता और बढ़ गई है।

46 पक्षी प्रजातियों की पहचान

कार्यक्रम में लगभग 60 प्रतिभागियों और 49 विद्यार्थियों ने भाग लिया। बारनवापारा अभ्यारण्य के फॉरेस्ट गाइड्स के सहयोग से 46 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई। जल नमूना संग्रह और पक्षी अवलोकन जैसी गतिविधियों ने छात्रों को प्रकृति से सीधे जोड़ दिया।

वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करने के प्रयासों की जानकारी दी गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वन अधिकारियों की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण संभव है।