रायपुर, 9 अक्टूबर 2025/ ETrendingIndia / “Bank Wali Didi” Baleshwari Yadav – Changing the face of banking in villages / बैंक वाली दीदी बालेश्वरी यादव , सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत लोसंगी की रहने वाली बालेश्वरी यादव आज पूरे क्षेत्र में “बैंक वाली दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। कभी मजदूरी कर परिवार चलाने वाली बालेश्वरी ने अब न सिर्फ अपने जीवन को बदला है, बल्कि सैकड़ों ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का रास्ता भी दिखाया है।
बालेश्वरी ने वर्ष 2021 में बैंक सखी के रूप में काम शुरू किया। आज वे लोसंगी, लोसगा, रेमहला, लब्जी और कटिन्दा जैसे पांच पंचायतों में घर-घर जाकर बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रही हैं। वृद्धा पेंशन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, दिव्यांग पेंशन से लेकर समूह राशि का लेनदेन — अब गांवों में ही संभव है। पिछले पांच वर्षों में वे 11 करोड़ रुपये से अधिक के बैंकिंग लेनदेन कर चुकी हैं।

बालेश्वरी की यात्रा 2014 में शुरू हुई, जब वे अपने गांव के रानी लक्ष्मी बाई स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष बनीं। आत्मविश्वास और मेहनत ने उन्हें ग्राम संगठन, क्लस्टर संगठन और अंततः बैंक सखी तक पहुंचाया। आज वे हर माह लगभग 15 हजार रुपये तक की आय अर्जित करती हैं और अपने गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
बैंक वाली दीदी बालेश्वरी यादव , बालेश्वरी ने अब तक 513 जनधन खाते, 713 प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, 556 जीवन ज्योति बीमा, और 600 अटल पेंशन योजना से ग्रामीणों को जोड़ा है।
