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रायपुर 21दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / भारत में एआई की संभावनाएँ और वर्तमान स्थिति
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में उच्च संभावनाएँ हैं। इसके बावजूद, मूल्य सृजन और नवाचार की कमी इसे पूर्ण लाभ देने में बाधा बन रही है। BCGX और FICCI की रिपोर्ट में यह जानकारी साझा की गई है कि 44 प्रतिशत भारतीय कंपनियाँ अपनी तकनीकी बजट का केवल 10 प्रतिशत से कम एआई में निवेश कर रही हैं।

एआई अपनाने में प्रमुख चुनौतियाँ
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कॉर्पोरेट अक्सर एआई को केवल छोटे कार्यों के समाधान तक सीमित रखते हैं। यह व्यापक संगठनात्मक परिवर्तन को रोकता है। उदाहरण स्वरूप, 70-80 प्रतिशत नियमित कार्य और 30-50 प्रतिशत तर्क आधारित कार्य एआई द्वारा किए जा सकते हैं।

एआई निवेश और भविष्य की रणनीतियाँ
रिपोर्ट में कहा गया है कि “AI भविष्य-निर्मित” कंपनियाँ निवेश पर 2.7 गुना अधिक रिटर्न और 1.7 गुना अधिक राजस्व वृद्धि प्राप्त कर सकती हैं। इसलिए कंपनियों, स्टार्टअप्स, MSMEs और नीति निर्माताओं का समन्वित प्रयास आवश्यक है। इससे एआई अपनाने से वास्तविक आर्थिक मूल्य सृजित होगा।

भारत की वैश्विक स्थिति और नवाचार की आवश्यकता
हालांकि भारत एआई तैयारियों में शीर्ष क्वार्टाइल में है, लेकिन वैश्विक एआई पेटेंट में योगदान 1 प्रतिशत से कम है। इसके अलावा, एआई स्टार्टअप्स में नवाचार की गहराई को और बढ़ाने की आवश्यकता है। वर्तमान में भारत ने 38,000 GPUs तक सब्सिडी आधारित पहुंच सुनिश्चित की है और उच्च-स्तरीय स्थानीय GPUs विकसित करने की योजना है।

निष्कर्षतः
कुल मिलाकर, भारत में एआई की गति मजबूत है, लेकिन वास्तविक लाभ के लिए एआई-फर्स्ट व्यवसाय, गहरा नवाचार और सभी तक समावेशी पहुँच जरूरी है।