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रायपुर, 8 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “India to Give BrahMos Missiles to Indonesia… Major Deal Sealed Between Both Countries” इंडोनेशिया को ब्रह्मोस और एस्ट्रा मिसाइलों की सप्लाई, समुद्री सुरक्षा को बढ़ाना, और जरूरी मिनरल सप्लाई चेन को मजबूत करना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो के बीच मंगलवार को हुई बातचीत के मुख्य नतीजे रहे.

दोनों पक्षों ने जरूरी मिनरल, टेक्नोलॉजी, फूड सिक्योरिटी, दवाइयों और समुद्री सुरक्षा जैसे कई एरिया में दो-तरफ़ा सहयोग को काफ़ी बढ़ाने के लिए लगभग एक दर्जन समझौते पर हस्ताक्षर किए.

पीएम मोदी सोमवार को जकार्ता पहुँचे, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ. यह तीन देशों के अपने दौरे का पहला हिस्सा था. यह दौरा भारत-इंडोनेशिया कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप 2018 के फ्रेमवर्क के तहत ट्रेड और सिक्योरिटी सहयोग को मजबूत करने के लिए था.

पता चला है कि दोनों पक्ष अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के मकसद से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हथियार की सफलता के बाद इंडोनेशिया ने भारत की हवा से हवा में मार करने वाली एस्ट्रा मिसाइलों को आयात करने का फैसला किया.

इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल डील भारत के वियतनाम और फिलीपींस के साथ ऐसे ही समझौते करने के बाद हुई है.

इंडोनेशिया को सप्लाई की जाने वाली मिसाइलों की सही संख्या अभी पता नहीं है. जरूरी मिनरल सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए भारत ने इंडोनेशिया में स्टील, निकल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने में इन्वेस्ट करने का फैसला किया.

पीएम मोदी ने कहा, आज के जमाने में टेक्नोलॉजी की सप्लाई चेन की मजबूती बहुत मायने रखती है. जरूरी मिनरल और स्टील के सेक्टर में सप्लाई चेन को और मजबूत करने के लिए एक जरूरी समझौता हुआ है. उन्होंने कहा, स्टेनलेस स्टील और रेयर-अर्थ मैग्नेट को लेकर हमारी कंपनियों के बीच पार्टनरशिप में एक नई शुरुआत हो रही है.

भारत और इंडोनेशिया ने स्ट्रेटेजिक जगह पर बने सबांग पोर्ट को मिलकर डेवलप करने पर भी सहमति जताई, जो मलक्का स्ट्रेट के ऊपर है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से 100 मील दूर है.

बातचीत के बाद अपने मीडिया स्टेटमेंट में पीएम मोदी ने कहा, 2018 में हमने जो कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप बनाई थी, वह आज एक नई उड़ान भर रही है. हम हर सेक्टर डेवलपमेंट, सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, कल्चर और एजुकेशन में जरूरी कदम आगे बढ़ा रहे हैं.

उन्होंने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि आज भारत-इंडोनेशिया पार्टनरशिप का एक सुनहरा चैप्टर शुरू हो रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता भरोसा द्विपक्षीय रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है.

उन्होंने कहा कि आज भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता किया. पीएम मोदी ने इंडोनेशिया में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट-बैंगलोर का एक कैंपस बनाने के फैसले की भी घोषणा की.

उन्होंने कहा, हमें खुशी है कि भारत का यूपीआई इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ इंटीग्रेट होने वाला है. इससे बिजनेस करने में आसानी और ट्रैवल में आसानी दोनों को बढ़ावा मिलेगा. दोनों पक्षों ने ब्लू इकॉनमी, मैरीटाइम ट्रेड और पोर्ट डेवलपमेंट के एरिया में कोऑपरेशन बढ़ाने का भी फैसला किया.

प्रधानमंत्री और इंडोनेशियाई प्रेसिडेंट ने वेस्ट एशिया के हालात समेत कई ग्लोबल चैलेंज पर भी चर्चा की. पीएम मोदी ने कहा, ग्लोबल उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना है कि बातचीत और डिप्लोमेसी का रोल पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है.

उन्होंने कहा, फिलिस्तीन के मुद्दे पर हम टू-स्टेट सॉल्यूशन और लॉन्ग-टर्म शांति का सपोर्ट करते हैं.