रायपुर, 10 मार्च 2026/ ETrendingIndia / India: Use of electric vehicles continues to grow / भारत में इलेक्ट्रिक वाहन , देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का उपयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वर्ष दर वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं भी लागू की गई हैं। यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
ईवी पंजीकरण में लगातार वृद्धि
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में 1.74 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत थे। इसके बाद 2020-21 में 1.43 लाख, 2021-22 में 4.59 लाख, 2022-23 में 11.83 लाख, 2023-24 में 16.81 लाख और 2024-25 में 19.68 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ। इससे स्पष्ट है कि देश में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की ओर तेजी से रुझान बढ़ रहा है।
पीएलआई-ऑटो योजना से विनिर्माण को बढ़ावा
सरकार ने ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए 25,938 करोड़ रुपये के बजट के साथ उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई-ऑटो) योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी उत्पादों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देना और निवेश आकर्षित करना है।
बैटरी निर्माण के लिए पीएलआई-एसीसी योजना
उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए 18,100 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना लागू की गई है। इसका लक्ष्य देश में 50 गीगावॉट बैटरी निर्माण क्षमता स्थापित करना है।
पीएम ई-ड्राइव योजना
10,900 करोड़ रुपये की लागत वाली पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत ई-ट्रक, ई-बस और ई-एम्बुलेंस सहित विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक बस और मैग्नेट निर्माण को प्रोत्साहन
सरकार ने 38,000 से अधिक ई-बसों की तैनाती के लिए भुगतान सुरक्षा तंत्र योजना शुरू की है। वहीं, 7,280 करोड़ रुपये की आरईपीएम योजना के तहत रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।
