Share This Article ETrendingIndia भारत सरकार ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इसी दिशा में विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और ई-वाहनों को आम जनता के लिए सुलभ बनाना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना लागू की गई है, जिसमें ई-2डब्ल्यू जैसे इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत खरीदारों को फैक्टरी मूल्य के 15% तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार ने ऑटो उद्योग के लिए पीएलआई योजनाएं भी शुरू की हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और उन्नत बैटरी तकनीकों को बढ़ावा देती हैं। ई-वाहनों को सफल बनाने के लिए बैटरी स्टोरेज पर पीएलआई योजना, और चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। चार्जिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए, कार्यालय परिसर में चार्जिंग स्टेशन लगाने हेतु भवन मालिकों को अतिरिक्त विद्युत भार की अनुमति भी दी जा रही है। साथ ही, कई राज्य सरकारें भी ई-वाहनों की खरीद पर अतिरिक्त अनुदान देती हैं। यह सभी उपाय मिलकर भारत में ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान को एक व्यवहारिक और लाभकारी विकल्प बनाते हैं, जिससे देश में स्वच्छ परिवहन की ओर कदम बढ़ाया जा सके। Share This Article Post navigation डीपफेक के खिलाफ भारत सरकार की निर्णायक कार्रवाई: कानूनी, तकनीकी और संस्थागत पहल रामनवमी पर प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में पंबन रेल पुल का उद्घाटन किया और कई विकास परियोजनाओं का दिए सौगात