Share This Article ETrendingIndia भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की भारतमाला परियोजना के तहत छह मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) विकसित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को अधिक कुशल बनाना है। चेन्नई में बनने वाले एमएमएलपी के लिए 641.92 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि अन्य पांच पार्कों का अध्ययन अभी विभिन्न चरणों में है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विशेष रूप से परिवहन के विभिन्न तरीकों को एकीकृत कर बंदरगाह संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ये पार्क वेयरहाउसिंग, परिवहन प्रबंधन, सीमा शुल्क सेवाएं, बुनियादी ढांचा विकास और सुरक्षा जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे। इनसे मौजूदा बंदरगाहों का लॉजिस्टिक्स ढांचा मजबूत होगा और माल ढुलाई की प्रक्रिया अधिक सुचारू बनेगी। सरकार के अनुसार, ये मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किए जाएंगे, जिनकी रियायत अवधि 45 वर्ष होगी। केंद्रीय पत्तन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। इन पार्कों के निर्माण से लॉजिस्टिक्स उद्योग में बड़ा बदलाव आने की संभावना है, जिससे व्यापार की लागत कम होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। Share This Article Post navigation सहकारी मॉडल पर जल्द शुरू होगी टैक्सी सेवा, टैक्सी चालकों को मिलेगा सीधा लाभ भारत-जापान आर्थिक सहयोग: छह प्रमुख परियोजनाओं के लिए 191.736 बिलियन जेपीवाई का ऋण समझौता