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रायपुर 3 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना से 2026 की ऐतिहासिक शुरुआत

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले के भोरमदेव धाम में भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएँ दीं।

उन्होंने कहा कि नए वर्ष की शुरुआत ऐसे ऐतिहासिक कार्य से होना छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है। इसलिए यह दिन राज्य के लिए विशेष महत्व रखता है।


146 करोड़ की परियोजना, स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत विकास

मुख्यमंत्री ने बताया कि भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत विकसित होगी। इस पर लगभग 146 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके अलावा, यह कॉरिडोर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इससे भोरमदेव को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।


छत्तीसगढ़ का खजुराहो, आस्था और संस्कृति का संगम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भोरमदेव मंदिर को “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” कहा जाता है। यह स्थल हजार वर्षों की साधना और स्थापत्य कला का प्रतीक है।

यहाँ भगवान शिव की पूजा भोरमदेव के रूप में होती है। साथ ही, शैव दर्शन, लोक आस्था और आदिवासी परंपराएँ एक साथ दिखाई देती हैं।


पर्यटन, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना से पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है।

इस कारण, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। अंततः, यह परियोजना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को आने वाले वर्षों तक सुरक्षित रखेगी।


केंद्रीय मंत्री का संदेश, राष्ट्र निर्माण में धरोहर की भूमिका

केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह परियोजना आने वाले हजार वर्षों तक भोरमदेव मंदिर को संरक्षित रखेगी।