गुवाहाटी, 04 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / Celebrating cultural harmony in memory of Bhupen Da: Jyotiraditya Scindia presented the National Awards / भूपेन दा राष्ट्रीय पुरस्कार , केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुवाहाटी में आयोजित एक भव्य समारोह में भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। यह आयोजन ‘सरहद पुणे’ संस्था द्वारा भूपेन दा के शताब्दी वर्ष के अवसर पर किया गया।
समारोह में अरुणाचल प्रदेश के येशे दोरजी थोंगची, मणिपुर की लैशराम मेमा, असम के रजनी बसुमतारी और डॉ. सूर्यकांत हजारिका, मिज़ोरम के एलआर सैलो और मेघालय के प्रो. डेविड आर. सिमलीह को साहित्य, संगीत, फिल्म और सांस्कृतिक संरक्षण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता, महिलाओं और युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका तथा एकता के संदेश को रेखांकित किया गया।
सिंधिया ने भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि सहानुभूति और एकता के प्रतीक थे।
सिंधिया ने बताया कि उनके परिवार का पूर्वोत्तर से गहरा जुड़ाव रहा है। 1950 में असम में आए विनाशकारी भूकंप के बाद उनके दादा महाराजा जीवाजीराव सिंधिया ने राहत कोष की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि भूपेन दा के संगीत ने दुख को आशा और एकता के गीतों में बदल दिया।
केंद्रीय मंत्री ने ‘नन्ही छांव’ राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता के 50,000 से अधिक प्रतिभागियों को भी संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से दयालु, समावेशी और सशक्त भारत बनाने का आग्रह किया।
महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सर्वधर्म सद्भाव को देश के विकास की असली ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि जब महिलाओं की सहानुभूति और युवाओं की ऊर्जा मिलती है, तब विकसित भारत का सपना साकार होता है।
