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रायपुर, 05 नवंबर 2026 / ETrendingIndia / बिहार में बाढ़ पर लगाम लगाने का नया प्लान…, नदियों की गाद से बनेंगे हाईवे

बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ से राहत दिलाने और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की लागत घटाने के लिए केंद्र सरकार ने नई योजना बनाई है।

इसके तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) नदियों से गाद निकालकर उसका इस्तेमाल हाईवे बनाने में करेगा। केंद्र और बिहार सरकार के बीच इस संबंध में समझौता हुआ है।

इससे नदियों की जलधारण क्षमता बढ़ने के साथ उपजाऊ कृषि भूमि को खोदने की जरूरत भी कम होगी।

हर साल 10 हजार करोड़ का नुकसान

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, राज्य को हर साल बाढ़ के कारण करीब 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। कई नदियों में 10 मीटर से अधिक गाद जमा होने से पानी के बहाव और जलधारण क्षमता पर असर पड़ा है।

39 सड़क परियोजनाओं में होगा इस्तेमाल

योजना के तहत बिहार में चल रही 16 हाईवे परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर उपयुक्त गाद इस्तेमाल की जाएगी। वहीं, भविष्य की 27 परियोजनाओं के लिए 835 लाख घन मीटर गाद के उपयोग का प्रस्ताव है।

पर्यावरण और खेती को भी फायदा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इस काम से राज्य सरकार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। गाद निकालने की जिम्मेदारी ठेकेदारों की होगी। इससे सड़क निर्माण के लिए कृषि भूमि और पहाड़ियों से मिट्टी निकालने की जरूरत घटेगी।

वैज्ञानिक जांच के बाद निकलेगी गाद

गाद निकालने का काम निर्धारित स्थानों पर तकनीकी मानकों के अनुसार होगा। नदी के पर्यावरण, तटबंधों और पुलों को नुकसान से बचाने के उपाय किए जाएंगे।बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ से राहत दिलाने और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की लागत घटाने के लिए केंद्र सरकार ने नई योजना बनाई है।

इसके तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) नदियों से गाद निकालकर उसका इस्तेमाल हाईवे बनाने में करेगा। केंद्र और बिहार सरकार के बीच इस संबंध में समझौता हुआ है।

इससे नदियों की जलधारण क्षमता बढ़ने के साथ उपजाऊ कृषि भूमि को खोदने की जरूरत भी कम होगी।

हर साल 10 हजार करोड़ का नुकसान

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, राज्य को हर साल बाढ़ के कारण करीब 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। कई नदियों में 10 मीटर से अधिक गाद जमा होने से पानी के बहाव और जलधारण क्षमता पर असर पड़ा है।

39 सड़क परियोजनाओं में होगा इस्तेमाल

योजना के तहत बिहार में चल रही 16 हाईवे परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर उपयुक्त गाद इस्तेमाल की जाएगी। वहीं, भविष्य की 27 परियोजनाओं के लिए 835 लाख घन मीटर गाद के उपयोग का प्रस्ताव है।

पर्यावरण और खेती को भी फायदा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इस काम से राज्य सरकार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। गाद निकालने की जिम्मेदारी ठेकेदारों की होगी। इससे सड़क निर्माण के लिए कृषि भूमि और पहाड़ियों से मिट्टी निकालने की जरूरत घटेगी।

वैज्ञानिक जांच के बाद निकलेगी गाद

गाद निकालने का काम निर्धारित स्थानों पर तकनीकी मानकों के अनुसार होगा। नदी के पर्यावरण, तटबंधों और पुलों को नुकसान से बचाने के उपाय किए जाएंगे।


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