Bijapur, Naxalite
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रायपुर, 9 अक्टूबर 2025/ ETrendingIndia / Bijapur, Naxalite: Putting down the gun, now move on the path of self-reliance, holding the reins of progress / बीजापुर नक्सली आत्मनिर्भरता , कभी जंगलों में भटककर हिंसा का रास्ता अपनाने वाले बीजापुर जिले के 32 पूर्व माओवादियों ने अब अपने जीवन की नई दिशा तय की है। समाज की मुख्यधारा में लौटकर उन्होंने न केवल बंदूक छोड़ी, बल्कि अपने भविष्य को संवारने की ठान ली।

बीजापुर नक्सली आत्मनिर्भरता , जगदलपुर स्थित क्षेत्रीय स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में एक माह का कुक्कुटपालन और बकरीपालन प्रशिक्षण पूरा कर, ये सभी अब आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।

इस प्रशिक्षण में उन्होंने पशुपालन के आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके सीखे — उन्नत नस्लों की पहचान, संतुलित आहार प्रबंधन, टीकाकरण, रोगों की रोकथाम से लेकर सरकारी योजनाओं और बाजार तक पहुंचने की रणनीतियों तक हर पहलू पर ज्ञान प्राप्त किया।

एक आत्मसमर्पित माओवादी ने भावुक होकर कहा — “पहले जीवन अंधेरे में था, जंगल में जीना मुश्किल था और खालीपन था अब अपने हाथों से मेहनत कर परिवार को उजाला दे पा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पुनर्वास नीति ने हमें नया जीवन दिया है।”

सरकार की यह अभिनव पहल न केवल उन्हें रोजगार से जोड़ रही है, बल्कि समाज में सम्मानपूर्वक जीने की नई उम्मीद भी दे रही है।बीजापुर की यह कहानी अब संघर्ष से सफलता की ओर बढ़ते नए छत्तीसगढ़ की पहचान बन रही है