रायपुर, 16 मार्च 2026/ ETrendingIndia / Power company appeals to avoid cyber thugs: Contact consumer toll-free number 1912 for electricity information or assistance/ बिजली बिल साइबर ठगी , बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर फैल रहे साइबर ठगी के प्रयासों से सतर्क रहें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योजना के पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए अनजान वॉट्सएप मैसेज, ई-मेल या एसएमएस में आए किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी एपीके फाइल को डाउनलोड करें।
कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण उपभोक्ता बिजली बिल बकाया रह जाता है और समय के साथ उस पर बिजली बिल में अधिभार बढ़ता जाता है। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपना पंजीयन कराना आवश्यक होगा। यह पंजीयन बिजली विभाग की वेबसाइट, मोबाइल एप या नजदीकी कार्यालय में जाकर कराया जा सकता है।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिल का समाधान करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाना है।
पॉवर कंपनी के अनुसार वह अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए उपभोक्ताओं को कोई एपीके फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। इसलिए यदि किसी संदेश में ऐसा लिंक या फाइल प्राप्त होती है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। कंपनी ने बताया कि योजना की जानकारी और पंजीयन की सुविधा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोग सीधे अधिकृत माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकें।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली बिल या किसी अन्य शुल्क का भुगतान केवल “मोर बिजली एप”, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय में ही करें। किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है।
साथ ही उपभोक्ताओं को बताया गया है कि पॉवर कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक संदेश “CSPDCL-S” सेंडर ID से ही आते हैं। यदि किसी अन्य आईडी से संदेश प्राप्त होता है तो उसे संदिग्ध माना जाए। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने कहा है कि सतर्कता ही समझदारी है और थोड़ी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।
