रायपुर 19 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / Parliament passes Insurance Laws (Amendment) Bill 2025: 100% foreign investment permitted, policyholders to get more protection/ बीमा कानून संशोधन 2025 , संसद ने सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025 को 17 दिसंबर 2025 को पारित कर दिया है। इस विधेयक के जरिए बीमा क्षेत्र से जुड़े तीन प्रमुख कानूनों में बदलाव किया गया है।
इनमें बीमा अधिनियम 1938, भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम 1956 और आईआरडीएआई अधिनियम 1999 शामिल हैं।
इस विधेयक की सबसे बड़ी खासियत बीमा कंपनियों में 100 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति देना है।
इससे देश में विदेशी निवेश बढ़ेगा, नई तकनीक आएगी और बीमा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ आम लोगों को बेहतर सेवाओं और अधिक विकल्पों के रूप में मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
व्यापार को आसान बनाने के लिए बीमा मध्यस्थों को वन-टाइम लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है। लाइसेंस रद्द करने के बजाय पहले उसे निलंबित करने की व्यवस्था भी की गई है।
बीमा कंपनियों में शेयर हस्तांतरण के लिए नियामक मंजूरी की सीमा 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं विदेशी रीइंश्योरेंस कंपनियों के लिए जरूरी पूंजी सीमा 5,000 करोड़ रुपये से घटाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दी गई है।
पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा के लिए पॉलिसीधारक शिक्षा एवं संरक्षण कोष बनाया जाएगा, जिससे लोगों में बीमा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।
अब बीमा कंपनियों को ग्राहकों का डेटा डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023 के अनुसार सुरक्षित रखना होगा।
इसके अलावा नियामक व्यवस्था को मजबूत करते हुए आईआरडीएआई को अनुचित लाभ की वसूली और दंड लगाने के स्पष्ट अधिकार दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से बीमा कवरेज बढ़ेगा, व्यवस्था पारदर्शी बनेगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
