Share This Article रायपुर, 25 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने जाति जनगणना के मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने मांग की है कि सरकार इसके लिए मौजूदा प्रश्नावली (सवालों की सूची) को रद्द करे. दोनों नेताओं ने सुझाव दिया है कि सरकार को एक नई प्रश्नावली तैयार करने के लिए राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता के साथ विचार-विमर्श करना चाहिए था. पार्टी कार्यालय में मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा, 20 अगस्त को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जाति-आधारित जनगणना के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था. जाति-आधारित जनगणना के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री को लिखा गया यह तीसरा पत्र है. उन्होंने बताया कि खडग़े ने पहला पत्र 16 अप्रैल, 2023 को और दूसरा पत्र 5 मई, 2025 को लिखा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र की एक प्रति मंगलवार को पार्टी द्वारा मीडिया के साथ साझा की गई. सत्तारूढ़ भाजपा का जिक्र करते हुए रमेश ने कहा, 21 सितंबर, 2021 को मोदी सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया गया था, जिसमें कहा गया था कि यदि जाति जनगणना करानी है, तो पहले जातियों की एक सूची तैयार करनी होगी. अब, यह स्पष्ट नहीं है कि यह जानकारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को है या नहीं. बिहार में जाति सर्वेक्षण के लिए 215 जातियों की सूची तैयार की गई थी, और ऐसा ही तेलंगाना के जाति सर्वेक्षण में भी हुआ था. जयराम रमेश ने कहा कि इस वक्त हमारे देश में लगभग 4,200 जातियां हैं, और प्रत्येक राज्य की अपनी जातियों की सूची है, जिसके आधार पर आरक्षण दिया जाता है. केंद्र सरकार की भी अपनी एक सूची है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार की मंशा साफ है, तो प्रधानमंत्री मोदी को दोनों विपक्ष के नेताओं के पत्र पर ध्यान देंगे. Share This Article Post navigation तमिलनाडु में 17 महीने के ब्रेन डेड बच्चे का अंगदान, सबसे कम उम्र का ऑर्गन डोनर बना