रायपुर, 20 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “To save every drop of rain: ‘Catch the Rain’ campaign starts again…” जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘जल संचय जन भागीदारी : कैच द रेन’ अभियान को देशभर में तेज कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में नागरिकों से वर्षा की हर बूंद को बचाने और जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
इसके तहत 4 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और कुओं के संरक्षण, रिचार्ज पिट निर्माण तथा वृक्षारोपण पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
जनभागीदारी पर विशेष जोर
अभियान में पंचायतों, शहरी निकायों, महिला समूहों, युवाओं, स्कूल-कॉलेजों और सामाजिक संगठनों को जोड़ा गया है।
लोगों से घरों, संस्थानों और कॉलोनियों में वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने तथा पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया गया है।
लक्ष्य से अधिक उपलब्धि
सरकार के अनुसार, ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के पहले चरण में 27 लाख से अधिक भूजल पुनर्भरण संरचनाएं बनाई गईं।
वहीं दूसरे चरण में 31 मई 2026 तक एक करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1.5 करोड़ से अधिक संरचनाओं की सूचना मिली है, जिनका सत्यापन किया जा रहा है।
कृषि और जल सुरक्षा को मिलेगा लाभ
जल शक्ति मंत्रालय का कहना है कि वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जलाशयों के संरक्षण से खेती को मजबूती मिलेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ेगी और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिलेगी।
सरकार ने नागरिकों से वर्षा की हर बूंद को बचाने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
