CG EWS LIG HousingCG EWS LIG Housing
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रायपुर, 23 अक्टूबर 2026। CG EWS LIG Housing : छत्तीसगढ़ में लंबे समय से खाली पड़े सरकारी आवासों के विक्रय को गति मिलने लगी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की बल्क परचेस नीति के तहत दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, नवा रायपुर और आरंग में अब तक 226 आवासों की बिक्री हुई है। इनका कुल मूल्य लगभग 42.17 करोड़ रुपये बताया गया है। वहीं, नवा रायपुर में विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय ने 128 फ्लैट्स खरीदने का निर्णय लिया है, जिनकी अनुमानित कीमत 16.20 करोड़ रुपये है।

छह शहरों में 226 आवासों की बिक्री

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय योजनाओं में विभिन्न शासकीय और निजी संस्थाओं ने कर्मचारियों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए मकान खरीदे हैं। अब तक हुई बिक्री में जीएसटी विभाग, मेफेयर संस्था और मैट्स विश्वविद्यालय की खरीदारी शामिल है। इससे लंबे समय से खाली पड़े भवनों के उपयोग और आवासीय परिसरों में बसाहट बढ़ाने की उम्मीद है।

जीएसटी विभाग ने खरीदे 68 मकान

जीएसटी विभाग ने दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और रायगढ़ में कुल 68 आवास खरीदे हैं। इनकी कुल कीमत लगभग 23.77 करोड़ रुपये है। दुर्ग में 24 मकान 6.50 करोड़ रुपये, जगदलपुर में 16 मकान 6 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 25 मकान 10.35 करोड़ रुपये और रायगढ़ में 3 मकान लगभग 92 लाख रुपये में खरीदे गए हैं। इसके अलावा, नवा रायपुर में मेफेयर संस्था ने 128 मकान लगभग 16.20 करोड़ रुपये में और मैट्स विश्वविद्यालय ने आरंग में 30 मकान लगभग 2.20 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय खरीदेगा 128 फ्लैट्स

नवा रायपुर अटल नगर में विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय ने 128 फ्लैट्स की बल्क खरीद का निर्णय लिया है। इनकी अनुमानित कीमत करीब 16.20 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित खरीद पूरी होने पर संस्थागत आवासों की बिक्री में और बढ़ोतरी होगी। मंडल के अनुसार, आवासों की बिक्री की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत ऑनलाइन ऑफर के माध्यम से संचालित की जा रही है, ताकि पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।

खाली आवास बेचने के लिए सरकार ने बदले नियम

नवा रायपुर के सेक्टर-16, 30 और 34 में प्रधानमंत्री सह-मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत EWS और LIG वर्ग के लिए बड़ी संख्या में मकान बनाए गए थे। योजना के पहले चरण में कुल 6,296 भवनों का क्रियान्वयन किया गया। कई बार विज्ञापन जारी होने के बावजूद कुछ आवास नहीं बिक पाए। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद ने 14 नवंबर 2025 को निर्णय लिया कि तीन बार विज्ञापन के बाद भी अविक्रित रहने वाले आवास पात्र हितग्राहियों के अलावा अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों और संस्थाओं को भी बेचे जा सकेंगे।

EWS और LIG हितग्राहियों को अनुदान का लाभ जारी

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि आवासीय योजनाओं की सफलता केवल मकान बनाने से नहीं, बल्कि उनमें लोगों की बसाहट सुनिश्चित करने से होती है। आयुक्त अवनीश कुमार शरण के अनुसार, बल्क परचेस के प्रति संस्थाओं की बढ़ती रुचि शासन की नीति का सकारात्मक परिणाम है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र EWS और LIG हितग्राहियों को निर्धारित केंद्रीय एवं राज्य शासन के अनुदान का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। अन्य आय वर्ग के व्यक्ति और संस्थाएं बिना सरकारी अनुदान के आवास खरीद सकेंगे। इस पहल से खाली भवनों के बेहतर उपयोग, आवासीय परिसरों में बसाहट, रखरखाव और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


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